पश्चिम बंगाल की राजनीति हमेशा से ही तीखे जुबानी हमलों के लिए चर्चा में रहती है। जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव 2026 की घड़ी नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे बयानों की गर्मी भी बढ़ती जा रही है। हाल ही में टीएमसी के सांसद ने भाजपा को खुली चुनौती दी है।
राज्यसभा में टीएमसी के संसदीय दल के नेता डेरेक ओ ब्रायन ने सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी को ललकारा है। ब्रायन का कहना है कि अगर बीजेपी उनके खास गढ़ में एक भी सीट जीत गई, तो उनकी पार्टी का एक सांसद सार्वजनिक रूप से अपना सिर मुंडवा लेगा।
इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब डेरेक ओ ब्रायन हाल ही में सामने आए कुछ ओपिनियन पोल के आंकड़ों पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे। इन पोल में सत्ताधारी टीएमसी और मुख्य विपक्षी दल बीजेपी के बीच बेहद कड़ा मुकाबला दिखाया गया है। इन आंकड़ों को सिरे से खारिज करते हुए ब्रायन ने दावा किया कि कोलकाता की सभी 11 विधानसभा सीटों पर टीएमसी की जीत पूरी तरह पक्की है।
ब्रायन ने बेहद आत्मविश्वास के साथ कहा कि अगर बीजेपी इनमें से एक भी सीट जीतने में सफल रही, तो उनकी पार्टी का एक सांसद अपना सिर मुंडवा लेगा। हालांकि, उन्होंने सांसद के नाम का जिक्र नहीं किया है जो इस बड़ी शर्त के लिए आगे आया है।
डेरेक ब्रायन की यह चुनौती सिर्फ कोलकाता तक ही सीमित नहीं रही। उन्होंने अपने आत्मविश्वास का दायरा बढ़ाते हुए इसमें हावड़ा और दक्षिण 24 परगना जिलों को भी शामिल कर लिया है। उन्होंने दावा किया कि दक्षिण 24 परगना की 31 सीटों और हावड़ा की 16 सीटों में से बीजेपी एक भी सीट नहीं निकाल पाएगी। उनका कहना है कि अगर बीजेपी इनमें से कोई भी एक सीट जीतती है, तब भी उनके सांसद को अपना सिर मुंडवाना होगा।
उत्तर 24 परगना को लेकर उनका अनुमान थोड़ा अलग रहा, जहां उन्होंने माना कि बीजेपी 3-4 सीटें जीत सकती है। ब्रायन का सीधा आरोप है कि ओपिनियन पोल जानबूझकर टीएमसी की जमीनी स्थिति को कमजोर दिखाकर जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं।
इस तीखी जुबानी जंग के बीच टीएमसी ने एक और गंभीर मोर्चा खोल दिया है। पार्टी का आरोप है कि नई मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर धांधली हुई है और करीब 91 लाख लोगों के नाम काट दिए गए हैं। टीएमसी का दावा है कि इसके जरिए खास समुदायों के लोगों से उनके वोट देने का लोकतांत्रिक अधिकार छीना जा रहा है।
बताया जा रहा है कि डेरेक ओ ब्रायन और सागरिका घोष के नेतृत्व में एक चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बुधवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात करने वाला है। पार्टी ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर उन्हें आयोग से मिलने का समय नहीं मिला, तो वे दफ्तर के बाहर धरने पर बैठने से भी पीछे नहीं हटेंगे।





