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जनता को राहत देने के लिए आगे आई सरकार, एक LPG सिलेंडर पर तेल कंपनियों को कितना नुकसान?

LPG Price Update: मिड‍िल ईस्‍ट में चल रहे तनाव के बीच देश के आम ग्राहकों के लि‍ए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है. केंद्र सरकार की तरफ से साफ क‍िया गया क‍ि इंटरनेशनल लेवल पर जारी उथल-पुथल के बावजूद आम जनता पर महंगाई का बोझ नहीं पड़ने द‍िया जाएगा. एक मीट‍िंग के दौरान पेट्रोलियम और नेचुरल गैस म‍िन‍िस्‍ट्री की ज्‍वाइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने बताया कि सरकारी तेल कंपनियां (OMC) भारी घाटा सहकर घरेलू रसोई गैस और एटीएफ (ATF) की सप्लाई कर रही हैं. सरकार के अनुसार तेल कंपनियों को हर एक घरेलू एलपीजी सिलेंडर पर 650 रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है. इसके अलावा घरेलू हवाई ईंधन पर कंपनियों को एक लीटर पर 30 रुपये का घाटा हो रहा है.

मौजूदा समय में दिल्ली में 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 913 रुपये और मुंबई में 912.50 रुपये है. कीमत को काबू में रखने के लि‍ए सरकार की तरफ से लगातार कोश‍िश की जा रही है. सुजाता शर्मा ने बताया क‍ि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और ह‍िन्‍दुस्‍तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) जैसी सरकारी कंपनियों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लि‍ए सरकार लगातार व‍ित्‍तीय मदद कर रही है. केंद्र ने रसोई गैस पर होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए 2023 में कंपनियों को 22,000 करोड़ रुपये और 2025 में 30,000 करोड़ का भुगतान किया था.

एटीएफ के दाम में क‍िसी तरह का बदलाव नहीं

ग्‍लोबल टेंशन के बीच सरकार ने घरेलू विमान ईंधन (ATF) के दाम में क‍िसी तरह का बदलाव नहीं किया है. घरेलू एयरलाइंस को 1 अप्रैल से लागू 1,04,927.18 प्रति किली के ह‍िसाब से ही भुगतान करना होगा. दूसरी तरफ इंटरनेशनल फ्लाइट के लिए जेट फ्यूल की कीमत में 27 फीसदी की बड़ी कटौती की गई है. इंटरनेशनल एटीएफ के दाम 400 डॉलर प्रति किली घटकर 1,100 डॉलर प्रति क‍िली पर आ गए. इस बीच, पीएम मोदी की देशवास‍ियों से पब्लिक ट्रांसपोर्ट यूज करने और कारपूलिंग की अपील का असर देखा जा रहा है. पीएनजी (PNG) को बढ़ावा देने से घरेलू एलपीजी की ड‍िमांड में कुछ गिरावट देखी गई.

रेड सी गुजरने वाले जहाजों की संख्‍या बढ़ी

उन्होंने बताया कि लाल सागर (रेड सी) और होर्मुज स्‍ट्रेट के पूर्वी इलाकों से होकर गुजरने वाले जहाजों की संख्‍या में हाल‍िया महीनों में दोगुने का इजाफा हुआ है. आंकड़ों पर गौर करें तो फरवरी 2026 में इन रास्तों से गुजरने वाली जहाजरानी सर्व‍िस महज 127 थीं, वे मार्च में बढ़कर 205, अप्रैल में 257 और मई में 245 हो गईं. होर्मुज स्‍ट्रेट में जारी नाकेबंदी को देखते हुए वैकल्पिक रास्तों जैसे अबु धाबी क्रूड ऑयल पाइपलाइन (ADCOP) और सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन का इस्‍तेमाल कच्चे तेल को सुरक्षित पोर्ट तक पहुंचाने के लिए किया जा रहा है.

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