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ऋषिकेश की मौत के बाद IIT दिल्ली में छात्रों का प्रदर्शन थमा, मां ने मुआवजे से किया इनकार

IIT दिल्ली में छात्र ऋषिकेश की मौत के बाद पिछले कई दिनों से जारी छात्रों का प्रदर्शन अब फिलहाल थम गया है। छात्रों ने ऐलान किया है कि जांच के लिए गठित कमेटी की रिपोर्ट सामने आने तक वे अपना आंदोलन वापस ले रहे हैं। इस संबंध में छात्रों की ओर से एक प्रेस रिलीज भी जारी की गई है, जिसमें प्रदर्शन के दौरान उठाई गई मांगों और लगाए गए आरोपों पर अपना पक्ष रखा गया है।

मुआवजे की जगह ऋषिकेश की मां ने रखी अलग मांग

ऋषिकेश के परिवार के लिए प्रदर्शनकारी छात्र एक करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग कर रहे थे। प्रशासन की ओर से राहत कोष से 6 लाख रुपये, मेडिकल खर्च और एलुमनाई व कर्मचारियों के सहयोग से अतिरिक्त राशि जुटाने का प्रस्ताव दिया गया था।

हालांकि, छात्रों के मुताबिक ऋषिकेश की मां ने आर्थिक मुआवजा लेने से इनकार कर दिया है। उन्होंने इसके बजाय कैंपस में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे छात्रों के लिए अलग रहने की व्यवस्था करने की मांग रखी है। उनका कहना है कि किसी अन्य छात्र को ऐसी स्थिति में आवास से बेदखल न होना पड़े, जैसी स्थिति ऋषिकेश के साथ बताई जा रही है। छात्रों का दावा है कि प्रशासन ने इस मांग पर सहमति जताई है।

प्रदर्शन को लेकर लगे आरोपों पर छात्रों का पलटवार

प्रदर्शन को लेकर IIT दिल्ली प्रशासन और कुछ प्रोफेसरों की ओर से लगाए गए आरोपों पर भी छात्रों ने जवाब दिया है। प्रेस रिलीज में छात्रों ने दावा किया कि उनका आंदोलन पिछले एक सप्ताह से शांतिपूर्ण, संतुलित और अनुशासित तरीके से चल रहा था।

छात्रों ने IIT दिल्ली के डायरेक्टर की ओर से भेजे गए ईमेल में किए गए दावों और कुछ प्रोफेसरों द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज किया। साथ ही उन्होंने प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी की भी आलोचना की।

प्रदर्शन के दौरान इन नियमों का किया पालन

छात्रों ने प्रेस रिलीज में यह भी बताया कि आंदोलन के दौरान उन्होंने कुछ नियम तय किए थे, ताकि कैंपस की जरूरी सेवाओं पर इसका असर न पड़े।

  • कैंपस अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों के आसपास नारेबाजी नहीं की गई।
  • मरीजों के इलाज और इमरजेंसी सेवाओं में बाधा न हो, इसका ध्यान रखा गया।
  • प्रदर्शन को मुख्य रास्तों तक सीमित रखा गया।
  • आपातकालीन वाहनों की आवाजाही बाधित नहीं की गई।
  • प्रदर्शनकारी हॉस्टलों के अंदर नहीं गए।
  • गर्ल्स हॉस्टल को भी प्रदर्शन से अलग रखा गया।

छात्रों का कहना है कि उनका उद्देश्य प्रदर्शन के जरिए ऋषिकेश की मौत की जांच और जवाबदेही की मांग उठाना था, न कि कैंपस की सामान्य गतिविधियों या स्वास्थ्य सेवाओं में बाधा डालना।

फिलहाल छात्रों ने जांच कमेटी की रिपोर्ट आने तक आंदोलन स्थगित करने का फैसला किया है। अब सभी की नजर कमेटी की रिपोर्ट पर है, जिसके आधार पर आगे की स्थिति तय होगी।

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