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ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग पर पटना में विपक्ष का मार्च, तेजस्वी यादव ने PM मोदी-शाह पर साधा निशाना

पटना: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। गुरुवार को बिहार की राजधानी पटना में INDIA ब्लॉक और महागठबंधन के नेताओं ने राजभवन की ओर मार्च निकाला। RJD नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए। विपक्षी दलों की मुख्य मांग CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई और उनके पद से हटाने की है।

यह विरोध चुनाव आयोग की Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और वोटर लिस्ट को लेकर विपक्ष की आपत्तियों के बीच हो रहा है। विपक्ष लगातार आरोप लगा रहा है कि मतदाता सूची में बदलाव से चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता प्रभावित हुई है। चुनाव आयोग की प्रक्रिया और विपक्ष के आरोपों को लेकर देशभर में राजनीतिक टकराव बढ़ा है।

तेजस्वी यादव ने पुलिस पर लगाया रोकने का आरोप

राजभवन मार्च के दौरान तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि पुलिस ने विपक्षी विधायकों को आगे बढ़ने से रोक दिया। उन्होंने कहा कि उनके विधायकों को रोका जा रहा है और उन्हें मार्च आगे ले जाने की अनुमति नहीं दी जा रही।

प्रदर्शन के दौरान तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और CEC ज्ञानेश कुमार पर चुनाव में कथित ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष लोकतंत्र की रक्षा और कथित साजिश में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर राजभवन तक मार्च कर रहा है।

‘लोकतंत्र बचाओ’ के नारे के साथ प्रदर्शन

बिहार में विपक्षी दलों ने पिछले दिनों से ही ‘ज्ञानेश हटाओ, लोकतंत्र बचाओ’ अभियान के तहत प्रदर्शन तेज किया है। 7 अक्टूबर को राज्य के सभी 534 प्रखंड मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इन प्रदर्शनों में RJD, कांग्रेस, VIP और वाम दलों के कार्यकर्ता शामिल हुए थे।

विपक्ष की ओर से SIR प्रक्रिया को रद्द करने और मतदाता सूची में हटाए गए नामों को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। RJD नेताओं ने CEC के इस्तीफे की मांग को आंदोलन का प्रमुख मुद्दा बनाया है।

दिल्ली के बाद बिहार में भी बढ़ा दबाव

CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का यह अभियान सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं है। दिल्ली में भी INDIA ब्लॉक के सांसदों और नेताओं ने लगातार प्रदर्शन किया है। 7 अक्टूबर को विपक्षी सांसदों को जंतर-मंतर की ओर बढ़ने से पुलिस ने रोका था और कई नेताओं को हिरासत में लिया गया था। विपक्षी दल अब इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की तैयारी में हैं।

राष्ट्रपति से मिलने की भी तैयारी

विपक्षी दलों ने इस पूरे विवाद को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात का भी कार्यक्रम बनाया है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता सूची की विश्वसनीयता से जुड़े सवालों पर संवैधानिक स्तर पर चर्चा जरूरी है।

फिलहाल CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। आने वाले दिनों में SIR और मतदाता सूची को लेकर राजनीतिक विवाद और बढ़ने की संभावना है। हालांकि विपक्ष द्वारा लगाए गए ‘वोट चोरी’ जैसे आरोप राजनीतिक दावे हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से सिद्ध तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

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