राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर अयोध्या से संसद तक पहुंचा विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन मंगलवार को यूपी विधानसभा के अंदर तक पहुंच गया। अनुपूरक बजट पेश करने और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भाषण के दौरान भी विपक्षी दलों के विधायक वेल में आकर हंगामा मचाते रहे। इस दौरान स्पीकर सतीश महाना लगातार विपक्षी दलों को समझाते रहे लेकिन नारेबाजी जारी रही। इसी दौरान सीएम योगी के भाषण के दौरान फिरोजाबाद के जसराना से विधायक सचिन यादव ने पोस्टर लहराते हुए विरोध किया तो स्पीकर ने पहले रोका फिर विधानसभा की सदस्यता तक रद्द करने की चेतावनी दी। इसके बाद विधायक को पूरे सत्र के लिए निलंबित करते हुए मार्शलों से बाहर निकालने का आदेश दिया। इस पर मार्शलों से भी विधायकों की धक्कामुक्की हुई और सदन को बुधवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
मंगलवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सपा विधायक वेल में पहुंच गए और हंगामा करने लगे। इस पर सदन को पहले एक घंटे के लिए स्थगित किया गया। दोबारा सदन शुरू हुआ तो फिर से उसी तरह से हंगामा शुरू कर दिया गया। सपा विधायक वेल में आ गए और स्पीकर के मना करने के बाद भी हंगामा जारी रखा। इस पर सत्ता पक्ष की तरफ से विधेयकों को बिना चर्चा के ही ध्वनिमत से पास करवाने शुरू कर दिए। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने लोक सेवा अधिकरण संशोधन विधेयक से इसकी शुरुआत करवाई। इसके बाद अन्य मंत्रियों ने भी अपने प्रस्ताव पास करवाए। हंगामे के बीच ही अनुपूरक बजट भी पेश कर दिया गया।
जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बोलने के लिए खड़े हुए विपक्ष ने हंगामा तेज कर दिया। हंगामे के बीच ही सीएम योगी भाषण देते रहे। सीएम योगी ने कहा कि मानसून सत्र में इस सदन को 25 करोड़ जनता की भावनाओं को ध्यान में रखकर उनके हितों पर चर्चा परिचर्चा का बेहतरीन अवसर सभी सदस्यों के पास था। लेकिन लोकतांत्रिक मूल्यों पर जिन्हें विश्वास नहीं है, वो लोग लगातार उन सभी संस्थाओं को जो संसदीय लोकतंत्र को पुष्ट करते हैं, उनकी अवमानना और अपमान करते हैं। समाजवादी पार्टी और विपक्ष का ये आचरण न सिर्फ असंवैधानिक है बल्कि शर्मनाक भी है।
कहा कि पहले से जो एजेंडा हाउस द्वारा तय किया गया था, उस एजेंडे के तहत जब सदन में विधायी कार्य हों, उन सभी पर विरोधी दल के लोगो ने कोई रुचि नही ली। सदन के बहुमूल्य समय को ये नष्ट करना चाहते हैं। यह लोग जानबूझकर सदन की अवमानना करके लोकतंत्र की खिल्ली उड़ाना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार हैं। इसके बाद भी हंगामा जारी रहा।
सीएम योगी ने कहा कि समाजवादी पार्टी और विपक्ष का आचरण न केवल असंवैधानिक है बल्कि शर्मनाक भी है। कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में सब कुछ पहले ही तय हुआ था। उसी के मुताबिक विधायी कार्य होने थे लेकिन इन लोगों ने इस तरह के मुद्दे उठाकर सदन का समय बर्बाद किया। यह लोग यूपी की 25 करोड़ की जनता के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
इसी दौरान सपा विधायक सचिन यादव को स्पीकर ने एक प्लेकार्ड न लहराने की चेतावनी दी। उनके न मानने पर सदस्यता तक रद्द करने की चेतावनी दी देते हुए कहा कि एथिक्स कमेटी को इनकी सदस्यता खत्म करने का प्रस्ताव भेजा जाएगा। इसके साथ ही उन्हें पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया। मार्शलों को विधायक को सदन से बाहर करने का निर्देश दिया तो हंगामा और बढ़ गया। मार्शलों से भी धक्कामुक्की शुरू कर दी गई। इस पर सदन को बुधवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया।






