महासमुंद। नेशनल हाईवे-53 स्थित झलप-ढाक टोल प्लाजा एक बार फिर सवालों के घेरे में है। वाहन चालकों से पूरा टोल शुल्क वसूला जा रहा है, लेकिन हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह लचर नजर आ रही है। टोल क्षेत्र में सड़क पर खुलेआम बैठे मवेशी लगातार दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं, इसके बावजूद टोल प्रबंधन कोई ठोस कार्रवाई करता दिखाई नहीं दे रहा।
बीते दिन एक गाय भी तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गई। इस घटना ने एक बार फिर टोल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन टोल प्रबंधन ने न तो मवेशियों को सड़क से हटाने की व्यवस्था की और न ही सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए।
स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों का आरोप है कि टोल मैनेजर पवन प्रसाद सिंह की लापरवाही के कारण हाईवे पर हादसों का खतरा लगातार बना हुआ है। लोगों का कहना है कि जब टोल प्लाजा वाहन चालकों से पूरी टोल राशि वसूल रहा है, तो सुरक्षित और बाधारहित मार्ग उपलब्ध कराना भी उसकी जिम्मेदारी है।
लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क से मवेशियों को हटाकर सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो कभी भी बड़ा सड़क हादसा हो सकता है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन एवं संबंधित विभाग से झलप-ढाक टोल प्लाजा की कार्यप्रणाली की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने तथा हाईवे को सुरक्षित बनाने की मांग की है।यदि आपके पास घायल गाय की फोटो या वीडियो है, तो इस खबर को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए उसका उल्लेख भी जोड़ा जा सकता है।






