दिल्ली हाईकोर्ट ने भारतीय क्रिकेटर अभिषेक शर्मा के व्यक्तित्व अधिकार (पर्सनैलिटी राइट्स) की रक्षा करते हुए बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने कई सोशल मीडिया अकाउंट, ऑनलाइन विक्रेताओं और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म को अभिषेक शर्मा की अनुमति के बिना उनका नाम, तस्वीर, आवाज या अन्य पहचान का इस्तेमाल करने से रोक दिया है।
ए आई और डीपफेक कंटेंट पर भी सख्ती
अभिषेक शर्मा ने अदालत में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि सोशल मीडिया पर उनकी ए आई से बनाई गई तस्वीरें, डीपफेक वीडियो, मॉर्फ्ड फोटो और झूठे वीडियो वायरल किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे उनकी छवि और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच रहा है।
बिना अनुमति बिक रहा था सामान
याचिका में ये भी कहा गया कि कई विक्रेता बिना अनुमति अभिषेक शर्मा के नाम और तस्वीर वाले टी-शर्ट, टीम जर्सी, पोस्टर, फोटो फ्रेम और अन्य सामान बेच रहे थे। इससे लोगों को ऐसा लग रहा था कि इन सामानों का समर्थन खुद अभिषेक शर्मा कर रहे हैं।
कोर्ट ने दिया सख्त निर्देश
जस्टिस ज्योति सिंह ने कहा कि अभिषेक शर्मा ने अपने खेल और उपलब्धियों के दम पर अपनी अलग पहचान बनाई है, इसलिए उनकी अनुमति के बिना कोई भी उनके नाम या तस्वीर का व्यावसायिक इस्तेमाल नहीं कर सकता। अदालत ने ए आई, डीपफेक, मॉर्फ्ड और फर्जी कंटेंट बनाने या शेयर करने पर भी रोक लगा दी है।
मेटा, अमेजन और फ्लिप्कार्ट को दिए गए आदेश
हाईकोर्ट ने मेटा, अमेजन, फ्लिप्कार्ट और संबंधित विक्रेताओं को आदेश दिया है कि वे अदालत का आदेश मिलने के 36 घंटे के अंदर ऐसे सभी लिंक और कंटेंट को हटाएं, जिनमें अभिषेक शर्मा के नाम या तस्वीर का बिना अनुमति इस्तेमाल किया गया है।






