- वाहन मालिक 30 दिनों के भीतर वैध दस्तावेजों के साथ दावा प्रस्तुत कर सकते हैं
रायपुर, सरगुजा वनमंडल, अंबिकापुर के वन परिक्षेत्र अंबिकापुर में अवैध रूप से सागौन और साल लकड़ी के परिवहन में इस्तेमाल किए गए दो पिकअप वाहनों को शासन के पक्ष में राजसात (सरकारी स्वामित्व में लेने) की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वन विभाग ने भारतीय वन अधिनियम, 1927 और छत्तीसगढ़ वनोपज नियम, 2001 के प्रावधानों के तहत दोनों मामलों में कार्रवाई की है।
फर्जी नंबर प्लेट और क्षतिग्रस्त चेसिस नंबर वाला वाहन जब्त
पहले प्रकरण में पुलिस थाना कोतवाली द्वारा 14 नग सागौन लट्ठा (2.023 घन मीटर) के अवैध परिवहन में लिप्त एक पिकअप वाहन जब्त किया गया था। जांच में वाहन पर अंकित नंबर जे. एच 07 सी-0288 फर्जी पाया गया। इसके अलावा वाहन का चेसिस नंबर भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त था, जिससे उसके वास्तविक मालिक की पहचान नहीं हो सकी। इस मामले में वन विभाग ने वाहन को जब्त कर राजसात किए जाने की अनुशंसा की है।
साल लकड़ी से लदा बिना नंबर प्लेट का पिकअप भी जब्त
दूसरे प्रकरण में मुखबिर की सूचना पर 8 दिसंबर 2024 को वन विभाग की टीम ने मेसर्स रामप्रसाद अग्रवाल आरा मिल के सामने एक बिना नंबर प्लेट वाले पिकअप वाहन को जब्त किया। वाहन में 5 नग साल लट्ठा (2.000 घन मीटर) लोड था। मौके पर कोई व्यक्ति उपस्थित नहीं था और परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं था। वाहन के इंजन और चेसिस नंबर भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त पाए गए, जिससे उसके मालिक का पता नहीं चल सका।
30 दिनों में दावा प्रस्तुत करने का अवसर
दोनों मामलों में वाहन मालिक की पहचान नहीं होने के कारण वन विभाग वैधानिक सूचना जारी नहीं कर सका है। इसलिए यदि किसी व्यक्ति या संस्था का इन वाहनों पर वैध स्वामित्व है, तो वे स्वामित्व संबंधी सभी वैध दस्तावेजों के साथ 30 दिनों के भीतर कार्यालयीन समय में प्राधिकृत अधिकारी एवं उप वनमंडलाधिकारी, अंबिकापुर के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अवधि के बाद कोई दावा स्वीकार नहीं किया जाएगा और दोनों जब्त वाहनों को शासन के पक्ष में राजसात कर दिया जाएगा। यह कार्रवाई राज्य में वन संपदा की सुरक्षा और अवैध लकड़ी परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।





