पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ गए हैं। पेट्रोल-डीजल शुक्रवार को प्रति लीटर 3-3 रुपये महंगा हो गया है। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आए तेज उछाल और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष की वजह से सप्लाई सीमित रही है। इसी वजह से अब तेल कंपनियों को पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने पड़े हैं। तेल कंपनियों ने 4 साल बाद पेट्रोल-डीजल के दाम में बढ़ोतरी की है, कंपनियों ने इससे पहले अप्रैल 2022 में पेट्रोल और डीजल के रिटेल प्राइस बढ़ाए थे।
अब इतने पहुंच गए पेट्रोल-डीजल के दाम
अब दिल्ली में प्रति लीटर पेट्रोल के दाम बढ़कर 97.77 रुपये पहुंच गए हैं। इस बढ़ोतरी से पहले दिल्ली में पेट्रोल के दाम 94.77 रुपये प्रति लीटर पर थे। वहीं, डीजल के दाम बढ़कर 90.67 रुपये प्रति लीटर पर जा पहुंचे हैं, जो कि पहले 89.67 रुपये प्रति लीटर पर थे। हालांकि, लोकल लेवी में अंतर की वजह से अलग-अलग शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम भी अलग-अलग हैं। कोलकाता में एक लीटर पेट्रोल के दाम अब 108.74 रुपये हो गए हैं, यहां पेट्रोल के दाम में प्रति लीटर 3.29 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। जबकि मुंबई में पेट्रोल 3.14 रुपये बढ़कर 106.68 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। चेन्नई में पेट्रोल के दाम प्रति लीटर 2.83 रुपये बढ़कर 103.67 रुपये जा पहुंचे हैं।
वहीं, कोलकाता में डीजल के दाम प्रति लीटर 3.11 रुपये बढ़कर 95.13 रुपये पहुंच गया है। जबकि मुंबई में एक लीटर डीजल 93.14 रुपये का हो गया है। मुंबई में डीजल के दाम में प्रति लीटर 3.11 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। चेन्नई में डीजल के दाम 2.86 रुपये बढ़कर 95.25 रुपये पर जा पहुंचे हैं।
क्यों बढ़े हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?
पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने की प्रमुख वजहों में से एक पश्चिम एशिया में शुरू हुई संघर्ष के बाद ग्लोबल एनर्जी प्राइसेज में आया तेज उछाल है। ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल का दाम 120 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया था, जो कि फिलहाल 100-105 डॉलर प्रति बैरल के लेवल पर ट्रेड कर रहा है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के जरिए टैंकर्स की आवाजाही बाधित हुई है, जिसका असर सप्लाई पर पड़ा है। इनपुट कॉस्ट बढ़ने के बाद भी सरकारी तेल कंपनियों ने 11 हफ्ते तक फ्यूल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अप्रैल 2022 के बाद से कोई बदलाव नहीं हुआ है, केवल लोकसभा चुनाव से पहले मार्च 2024 में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में प्रति लीटर 2 रुपये की कटौती की गई थी।
तेल कंपनियों ने क्यों रोक दिया था डेली प्राइस रिवीजन?
सरकारी तेल कंपनियों इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने अप्रैल 2022 में डेली प्राइस रिवीजन बंद कर दिया था। तेल कंपनियों के इस कदम का मकसद उपभोक्ताओं को रूस-यूक्रेन की लड़ाई के बाद बढ़ते ग्लोबल ऑयल प्राइसेज से बचाना था।






