कुरूद। विकासखंड कुरूद के ग्राम मड़ेली (कचना) में ओबीसी संयोजन समिति छत्तीसगढ़ के तत्वावधान में 10 सितंबर को ओबीसी दिवस उत्साह और सामाजिक एकजुटता के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, सामाजिक कार्यकर्ता और संगठन से जुड़े पदाधिकारी शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत महात्मा ज्योतिबा फुले, छत्रपति शाहूजी महाराज, महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव आंबेडकर, त्यागमूर्ति राम लखन चंदापुरी और शहीद चूल्हाई राम के चित्रों पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। अतिथियों का स्वागत करने के बाद सामाजिक न्याय, ओबीसी अधिकार और संगठन की मजबूती को लेकर वक्ताओं ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों को नाश्ता एवं सेव-बूंदी वितरित की गई।
समिति के संस्थापक एवं अधिवक्ता शत्रुहन सिंह साहू ने ओबीसी दिवस के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 10 सितंबर 1947 को त्यागमूर्ति राम लखन चंदापुरी ने पिछड़े वर्गों को न्यायपालिका, विधायिका, कार्यपालिका, शिक्षा, रोजगार, व्यापार और उद्योग सहित विभिन्न क्षेत्रों में जनसंख्या के अनुपात में भागीदारी दिलाने के लिए सामाजिक न्याय की लड़ाई का आगाज किया था। इसी संघर्ष और समाजसेवियों के योगदान को याद करते हुए ओबीसी दिवस मनाया जाता है।
पूर्व विधायक लेखराम साहू ने समाज के लोगों से सामाजिक हितों को प्राथमिकता देने और अपने राजनीतिक व आर्थिक संसाधनों का उपयोग समाज की बेहतरी के लिए करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जातीय जनगणना के माध्यम से ओबीसी की वास्तविक जनसंख्या सामने आनी चाहिए और आबादी के अनुपात में अधिकार एवं हिस्सेदारी सुनिश्चित होने तक संघर्ष जारी रहना चाहिए।
प्रदेश कार्यसमिति अध्यक्ष टिकेश्वर साहू ने ओबीसी समाज में एकता और मजबूत संगठन की आवश्यकता बताई। वहीं मिलाप साहू ने युवाओं से अपने संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक होकर संगठित होने की अपील की। भावसिंह डहरिया ने सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों की लड़ाई को व्यापक स्तर पर मजबूत करने पर जोर दिया। नारायण साहू ने कहा कि वर्तमान समय में ओबीसी समाज के बीच जागरूकता और एकजुटता बेहद जरूरी है।
कार्यक्रम में समिति के संस्थापक अधिवक्ता शत्रुहन सिंह साहू, पूर्व विधायक लेखराम साहू, टिकेश्वर साहू, भावसिंह डाहरे, दिनेश्वर बंजारे, मिलाप साहू, विकास लहरे और लोकेश बघेल सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता एवं ग्रामीण मौजूद रहे।
कार्यक्रम का संचालन चेतन साखरे, युवराज एवं शैलेन्द्र साहू ने किया। आयोजन में दुर्ग, बालोद और रायपुर जिले से भी अनेक सामाजिक कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी शामिल हुए। सभी ने ओबीसी समाज की सामाजिक एकता मजबूत करने और अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।







