भारतीय क्रिकेट के लंबे कद वाले तेज गेंदबाज इशांत शर्मा आज अपना 38वां जन्मदिन मना रहे हैं। दिल्ली से निकलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान बनाने वाले इशांत ने करीब डेढ़ दशक तक भारतीय टेस्ट टीम में तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी संभाली। उनकी कहानी उतार-चढ़ाव, चोट, वापसी और लगातार मेहनत से भरी रही है।
साथी खिलाड़ी उन्हें ‘लंबू’ के नाम से बुलाते हैं। 6 फीट 4 इंच लंबे इशांत ने अपनी लंबाई और गेंद को सीम कराने की क्षमता के दम पर विदेशी परिस्थितियों में भी भारतीय टीम को कई अहम मौकों पर सफलता दिलाई।
19 साल की उम्र में दुनिया का ध्यान खींचा
2 सितंबर 1988 को दिल्ली में जन्मे इशांत ने कम उम्र में ही क्रिकेट को अपना लक्ष्य बना लिया था। स्कूल के बाद उन्होंने अपना ज्यादा समय क्रिकेट की ट्रेनिंग और घरेलू क्रिकेट को दिया। दिल्ली के क्लब क्रिकेट और रणजी ट्रॉफी में मेहनत के बाद उन्हें भारतीय टीम में जगह मिली।
साल 2007 में इशांत ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा। इसके कुछ समय बाद ही ऑस्ट्रेलिया दौरे पर उनके करियर का ऐसा स्पेल आया, जिसने उन्हें दुनियाभर के क्रिकेट प्रशंसकों की नजरों में ला दिया।
पर्थ के वाका मैदान पर युवा इशांत ने ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग को अपनी तेज और उछाल लेती गेंदों से लंबे समय तक परेशान किया। इस स्पेल ने संकेत दे दिया था कि भारत को एक ऐसा तेज गेंदबाज मिल चुका है, जो विदेशी पिचों पर भी बल्लेबाजों को चुनौती दे सकता है।
चोटों के बीच बनाई मजबूत वापसी
इशांत के करियर में मुश्किल दौर भी आए। टखने की परेशानियों और लगातार चोटों के कारण उनकी लय कई बार प्रभावित हुई। सीमित ओवरों के क्रिकेट में भी उन्हें लगातार चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
इसके बावजूद टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने खुद को दोबारा स्थापित किया। गेंदबाजी तकनीक में बदलाव, फिटनेस पर मेहनत और अनुभव के साथ इशांत एक अधिक नियंत्रित और भरोसेमंद तेज गेंदबाज के रूप में सामने आए।
2014 में लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ उनका सात विकेट वाला प्रदर्शन उनके करियर के यादगार मुकाबलों में शामिल है। इस प्रदर्शन ने भारत को एक महत्वपूर्ण विदेशी जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
100 टेस्ट खेलने वाले चुनिंदा भारतीय तेज गेंदबाज
इशांत शर्मा ने 2021 में अपना 100वां टेस्ट मैच खेलकर भारतीय क्रिकेट के इतिहास में खास जगह बनाई। वह भारत की ओर से 100 टेस्ट खेलने वाले चुनिंदा तेज गेंदबाजों में शामिल हैं।
टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 300 से ज्यादा विकेट हैं। लंबे समय तक भारतीय टीम की तेज गेंदबाजी का हिस्सा रहकर इशांत ने अगली पीढ़ी के गेंदबाजों के लिए भी एक मिसाल कायम की।
प्रतिमा सिंह के साथ जुड़ी निजी जिंदगी
क्रिकेट के मैदान से बाहर इशांत शर्मा की जिंदगी भी काफी दिलचस्प रही है। उनकी पत्नी प्रतिमा सिंह भारतीय बास्केटबॉल से जुड़ी रही हैं और राष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।
दोनों की मुलाकात 2011 में एक बास्केटबॉल प्रतियोगिता के दौरान हुई थी। दोस्ती धीरे-धीरे रिश्ते में बदली और 9 दिसंबर 2016 को दोनों ने शादी कर ली।
इशांत के लिए प्रतिमा उनके करियर के उतार-चढ़ाव के दौरान एक मजबूत सपोर्ट सिस्टम रही हैं।
भारतीय तेज गेंदबाजी में छोड़ी अपनी छाप
इशांत शर्मा का करियर सिर्फ विकेटों के आंकड़ों तक सीमित नहीं है। उन्होंने ऐसे दौर में भारतीय तेज गेंदबाजी को मजबूती दी, जब विदेशी परिस्थितियों में भारतीय गेंदबाजों से काफी उम्मीदें रहती थीं।
लंबे स्पेल डालने की क्षमता, उछाल हासिल करने की कला और अनुभव ने उन्हें भारतीय टेस्ट क्रिकेट के महत्वपूर्ण तेज गेंदबाजों में शामिल किया। अब उनका अनुभव युवा गेंदबाजों के लिए भी बेहद अहम माना जाता है।
दिल्ली के मैदानों से शुरू हुआ इशांत का सफर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के बड़े मंच तक पहुंचा। आज उनके जन्मदिन पर क्रिकेट जगत उन्हें एक ऐसे तेज गेंदबाज के तौर पर याद कर रहा है, जिसने अपनी कमियों और मुश्किलों को पीछे छोड़ते हुए भारतीय क्रिकेट में एक लंबी और यादगार पारी खेली।






