हजारों अकीदतमंदों की मौजूदगी में निकला भव्य जुलूसे ईद मिलादुन्नबी ﷺ — घोड़े, ऊंट, सजी-धजी कारें और आकर्षक झांकियां बनीं आकर्षण का केंद्र
रायपुर। शहर सीरतुन्नबी कमेटी, रायपुर के तत्वावधान में 1501वें जश्ने ईद मिलादुन्नबी ﷺ के मुबारक मौके पर बुधवार को शहर में भव्य जुलूसे ईद मिलादुन्नबी ﷺ का आयोजन अकीदत, शानो-शौकत, अनुशासन और आपसी भाईचारे के माहौल में संपन्न हुआ। जुलूस में रायपुर शहर एवं आसपास के विभिन्न इलाकों से हजारों की संख्या में आशिकाने रसूल ﷺ शामिल हुए।
यह भव्य जुलूस हुजूर हसनुल मशाइख हजरत सय्यद हसन अशरफ अशरफुल जिलानी, किछौछा मुकद्दसा, उत्तर प्रदेश की सरपरस्ती एवं कायदत में आयोजित हुआ। उनके दस्त-ए-मुबारक से परचम-कुशाई की रस्म अदा की गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में उलमा-ए-किराम, बुजुर्गाने दीन, जिम्मेदारान-ए-कौम, विभिन्न मोहल्ला कमेटियों के पदाधिकारी एवं अकीदतमंद मौजूद रहे।
जुलूसे ईद मिलादुन्नबी ﷺ महबूबिया चौक, बैजनाथपारा से रवाना होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरता हुआ सीरत मैदान पहुंचा। जुलूस के दौरान पूरा मार्ग नारों, सलाम और दरूद-ओ-सलाम से गूंजता रहा तथा लोगों ने मोहब्बत, अमन और भाईचारे का संदेश दिया।
जुलूस में घोड़े, सजे हुए ऊंट, आकर्षक झांकियां तथा फूलों से सजाई गई कारें विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। कई लोगों ने अपनी कारों को विशेष रूप से सजाकर जश्ने ईद मिलादुन्नबी ﷺ की मुबारकबाद एवं मोहब्बत-ए-रसूल ﷺ का संदेश दिया। जुलूस में शामिल हजारों लोगों ने अनुशासन एवं सौहार्द के साथ अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
सीरत मैदान में आयोजित कार्यक्रम में उलमा-ए-किराम ने नबी-ए-करीम हजरत मुहम्मद मुस्तफा ﷺ की सीरत-ए-पाक, अमन, मोहब्बत, इंसानियत, आपसी भाईचारे और सामाजिक सद्भाव पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि सीरत-ए-मुस्तफा ﷺ इंसानियत को मोहब्बत, रहमत, सहिष्णुता और एक-दूसरे के सम्मान का रास्ता दिखाती है।
कार्यक्रम के समापन पर भारत देश की तरक्की, अमन-ओ-आमान, छत्तीसगढ़ एवं रायपुर की खुशहाली, आपसी भाईचारे तथा तमाम इंसानों की सलामती के लिए विशेष दुआ की गई। मुल्क में एकता एवं सद्भाव कायम रहने तथा हर प्रकार की आफत और परेशानी से हिफाजत के लिए भी बारगाह-ए-इलाही में दुआ मांगी गई। इसके पश्चात सीरत मैदान में आम लंगर का भी एहतमाम किया गया।

शहर सीरतुन्नबी कमेटी के सदर मोहम्मद सोहेल सेठी के नेतृत्व एवं कमेटी के पदाधिकारियों तथा कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका में आयोजित इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में विभिन्न मोहल्ला कमेटियों, वालंटियर्स एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
कमेटी के चीफ ऑर्गेनाइजर मोहम्मद सिराज एवं मीडिया प्रभारी अब्दुल नादिर खान सहित आयोजन समिति के सदस्यों ने जुलूस की व्यवस्थाओं, संचालन एवं मीडिया समन्वय में प्रमुख भूमिका निभाई।
प्रमुख रूप से उपस्थित रहे
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सलीम राज, छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के अध्यक्ष मिर्जा एजाज बेग, फाउंडर मेंबर हाजी शेख नजीमुद्दीन, जनरल सेक्रेटरी हाजी सबीहुद्दीन, चीफ ऑर्गेनाइजर मोहम्मद सिराज, वरिष्ठ अधिवक्ता फैसल रिज़वी, हाजी बदरुद्दीन खोखर, इकबाल शरीफ, डॉ. मुजाहिद अली फारूकी, मोइनुद्दीन, मुफ्ती एहतेशाम अली फारूकी सहित बड़ी संख्या में उलमा-ए-किराम एवं जिम्मेदारान-ए-कौम मौजूद रहे।
इसके अलावा पूर्व महापौर एजाज ढेबर, शेख शकील, नादिर खान, बदरुद्दीन खोखर, गुड्डा सेठी, अयान सेठी, आदि सेठी, एजाज खान, फिरोज खान, शेख यूनुस, नूरा खान, हाजी रिजवान, नासिर खान, कारी इमरान साहब, शहर काजी सहित विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि, मोहल्ला कमेटियों के पदाधिकारी एवं हजारों की संख्या में अकीदतमंद उपस्थित रहे।
शहर सीरतुन्नबी कमेटी, रायपुर ने जुलूसे ईद मिलादुन्नबी ﷺ को सफल एवं यादगार बनाने में सहयोग देने वाले प्रशासन, पुलिस प्रशासन, मीडिया बंधुओं, वालंटियर्स, मोहल्ला कमेटियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं तमाम आशिकाने रसूल ﷺ का दिल से शुक्रिया अदा किया।
कमेटी ने कहा कि यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि रायपुर की गंगा-जमुनी तहजीब, आपसी मोहब्बत, भाईचारे और अमन के पैगाम को मजबूत करने वाला एक सफल एवं ऐतिहासिक आयोजन रहा।




