आज गुरुवार 14 मई को कमोडिटी मार्केट में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। एक दिन पहले दोनों धातुओं में जोरदार उछाल आया था लेकिन अब निवेशकों की मुनाफावसूली से दबाव है। सोना आज 1223 रुपये सस्ता होकर 1,61,027 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है जो बुधवार को 1,62,250 पर बंद हुआ था।
MCX पर चांदी की कीमत भी 1.2 प्रतिशत गिरकर 2,96,213 रुपये प्रति किलो पर आ गई है। चांदी के भाव में आज 4287 रुपये की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है क्योंकि बुधवार को यह 3,00,500 पर बंद हुई थी। बाजार के जानकारों के अनुसार निवेशकों की भारी मुनाफावसूली से यह सीधा असर दिख रहा है।
आयात शुल्क में भारी बढ़ोतरी के कारण बढ़ा भाव
भारत सरकार ने हाल ही में सोना और चांदी पर आयात शुल्क 6% से बढ़ाकर करीब 15% कर दिया है। इस बड़े फैसले का मुख्य मकसद बुलियन आयात को कम करना और विदेशी मुद्रा भंडार को बढ़ाना है। इसी फैसले के कारण बुधवार को दोनों कीमती धातुओं में बहुत भारी उछाल देखने को मिला था। घरेलू बाजार के साथ ग्लोबल मार्केट में भी कीमती धातुओं में भारी कमजोरी देखी जा रही है। स्पॉट सिल्वर 0.9% गिरकर 87.18 डॉलर प्रति औंस पर आ गया है जबकि स्पॉट गोल्ड 4,688.43 डॉलर पर है। इसके अलावा अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स भी 0.2% कमजोर होकर 4,695 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया है।
अंतरराष्ट्रीय घटनाओं का सीधा असर
वैश्विक बाजार में निवेशकों की नजरें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की बैठक पर हैं। साथ ही ईरान युद्ध से जुड़े महत्वपूर्ण घटनाक्रम भी कमोडिटी बाजार की दिशा को लगातार तय कर रहे हैं। हालांकि सुरक्षित निवेश की मांग अभी भी काफी हद तक मजबूत बनी हुई है जिससे कुछ खरीदारी जारी है। अमेरिका से हाल ही में आए ताजा आर्थिक आंकड़ों ने भी दुनियाभर के निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। अप्रैल महीने में उत्पादक कीमतों में पिछले चार वर्षों की सबसे बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह बड़ा आंकड़ा संकेत देता है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था में भयंकर महंगाई का दबाव अभी भी मौजूद है।
रुपये पर दबाव घटाने की कोशिश
मार्केट एक्सपर्ट्स का स्पष्ट रूप से मानना है कि बुधवार की तेज तेजी के बाद निवेशक मुनाफावसूली कर रहे हैं। भारत सरकार के नए फैसलों से भी रुपये पर दबाव घटाने की लगातार बड़ी कोशिशें की जा रही हैं। बढ़ती महंगाई और ब्याज दरों की अनिश्चितता के बीच निवेशक सोने-चांदी को सुरक्षित निवेश मान रहे हैं।






