डायबिटीज के मरीजों के लिए ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने के साथ-साथ शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा बनाए रखना भी जरूरी है। शरीर में पानी की कमी होने पर डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ सकता है। खासकर जब ब्लड शुगर ज्यादा होती है, तो बार-बार पेशाब आने से शरीर में पानी की कमी हो सकती है।
हालांकि, सिर्फ ज्यादा पानी पीने से ब्लड शुगर नियंत्रित नहीं होती। इसके लिए संतुलित खानपान, नियमित शारीरिक गतिविधि, डॉक्टर की सलाह और निर्धारित दवाओं का पालन करना भी जरूरी है। आइए जानते हैं डायबिटीज में पानी पीते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
डायबिटीज में कितना पानी पीना चाहिए?
हर व्यक्ति की पानी की जरूरत उसकी उम्र, शारीरिक गतिविधि, मौसम और स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करती है। सामान्य तौर पर महिलाओं को रोजाना करीब 2.7 लीटर और पुरुषों को करीब 3.7 लीटर कुल पानी की जरूरत हो सकती है। इसमें भोजन और सभी पेय पदार्थों से मिलने वाला पानी भी शामिल है। केवल सादा पानी पीने की मात्रा इससे अलग हो सकती है।
डायबिटीज के मरीजों को प्यास लगने पर पानी पीना चाहिए और दिनभर नियमित अंतराल पर पर्याप्त तरल लेना चाहिए। यदि किडनी या दिल से जुड़ी बीमारी है अथवा डॉक्टर ने तरल पदार्थों की मात्रा सीमित करने को कहा है, तो उसी सलाह का पालन करें।
गर्म या ठंडा, डायबिटीज में कौन सा पानी बेहतर है?
डायबिटीज के मरीज सामान्य तापमान का, हल्का ठंडा या गुनगुना पानी अपनी पसंद के अनुसार पी सकते हैं। ऐसा कोई ठोस प्रमाण नहीं है कि गर्म पानी पीने से इंसुलिन का अवशोषण बढ़ता है या ब्लड शुगर विशेष रूप से नियंत्रित होती है।
गुनगुना पानी कुछ लोगों को आरामदायक लग सकता है और पर्याप्त पानी पीने की आदत बनाने में मदद कर सकता है। लेकिन पानी का तापमान डायबिटीज के इलाज का विकल्प नहीं है। बहुत ज्यादा गर्म पानी पीने से बचें, क्योंकि इससे मुंह और गले में जलन हो सकती है।
डायबिटीज में पानी पीते समय इन बातों का रखें ध्यान
1. दिनभर थोड़ा-थोड़ा पानी पिएं: एक ही बार में बहुत अधिक पानी पीने के बजाय पूरे दिन नियमित अंतराल पर पानी लेते रहें।
2. मीठे पेय पदार्थों से बचें: सोडा, मीठे जूस और शुगर वाली ड्रिंक्स ब्लड शुगर बढ़ा सकती हैं। सादा पानी आमतौर पर बेहतर विकल्प है।
3. प्यास और पेशाब में बदलाव पर ध्यान दें: बहुत ज्यादा प्यास लगना और बार-बार पेशाब आना बढ़े हुए ब्लड शुगर के संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षण लगातार बने रहें, तो ब्लड शुगर की जांच कराएं और डॉक्टर से संपर्क करें।
4. रात में पानी पूरी तरह बंद न करें: सोने से पहले जरूरत के अनुसार पानी पी सकते हैं। बार-बार रात में पेशाब आने पर पानी बंद करने के बजाय इसके कारण की जांच कराना बेहतर है।
क्या सिर्फ पानी पीने से ब्लड शुगर कंट्रोल हो सकती है?
पर्याप्त पानी पीना शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है, लेकिन इससे डायबिटीज अपने आप नियंत्रित नहीं होती। ब्लड शुगर की नियमित निगरानी, संतुलित आहार, शारीरिक गतिविधि और डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाएं या इंसुलिन लेना जरूरी है।
यदि ब्लड शुगर बहुत ज्यादा हो, उल्टी हो रही हो, सांस लेने में परेशानी हो या असामान्य सुस्ती महसूस हो, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
ध्यान दें: डायबिटीज में पानी की सही मात्रा हर व्यक्ति के लिए अलग हो सकती है। किडनी या हृदय संबंधी समस्या होने पर अपनी दैनिक तरल जरूरत डॉक्टर से तय कराएं।







