नेपाल के कंचनपुर जिले में महाकाली नदी के तेज बहाव ने भीमदत्त नगरपालिका और दोधारा-चांदनी को जोड़ने वाले प्रसिद्ध पैदल झूला पुल को भारी नुकसान पहुंचाया है। बुधवार सुबह करीब 8 बजे पुल का एक प्रमुख सपोर्ट पिलर अचानक ढह गया। इसके बाद पुल का बड़ा हिस्सा संतुलन खोकर नदी में जा गिरा और तेज धारा में बह गया।
स्थानीय पुलिस के अनुसार, भीमदत्त नगरपालिका की ओर से छठे और दोधारा-चांदनी की ओर से तीसरे पिलर के आसपास नदी का कटाव लगातार बढ़ रहा था। तेज बहाव और कटाव के चलते पिलर की नींव कमजोर हो गई, जिसके बाद वह नदी की धारा में समा गया। पिलर गिरने के साथ ही पुल का एक बड़ा स्पैन भी ढह गया।
दोधारा-चांदनी का पैदल संपर्क प्रभावित
पुल के क्षतिग्रस्त होने से दोधारा-चांदनी क्षेत्र के लोगों का जिला मुख्यालय से सीधा पैदल संपर्क प्रभावित हुआ है। इस पुल का इस्तेमाल स्थानीय लोग रोजाना महाकाली नदी पार करने के लिए करते थे। पुल का एक बड़ा हिस्सा नदी में बह जाने के बाद लोगों के सामने आवागमन की समस्या खड़ी हो गई है।
1.45 किलोमीटर लंबा है झूला पुल
यह झूला पुल करीब 1.45 किलोमीटर लंबा है और अपनी लंबाई के लिए प्रसिद्ध है। इसे एशिया के सबसे लंबे मल्टी-स्पैन पैदल झूला पुलों में शामिल किया जाता है।
महाकाली नदी में बढ़ते जलस्तर, तेज बहाव और किनारों पर हो रहे लगातार कटाव ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। पुल और नदी के आसपास के संवेदनशील इलाकों को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है।
फिलहाल पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से से आवाजाही प्रभावित है। पानी का बहाव कम होने के बाद ही पुल को हुए कुल नुकसान का आकलन किया जा सकेगा और मरम्मत को लेकर आगे की कार्रवाई तय होगी।







