कैबिनेट की अपॉइंटमेंट्स कमिटी (ACC) ने अर्थशास्त्री नीलकंठ मिश्रा को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। वह वाशिंगटन डीसी में वर्ल्ड बैंक हेडक्वार्टर में इंडिया के अगले एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर होंगे। कमिटी ने उनके नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। नीलकंठ मिश्रा, 1981 उत्तर प्रदेश कैडर के रिटायर्ड IAS ऑफिसर परमेश्वरन अय्यर की जगह लेंगे, जो अभी इस पोस्ट पर हैं।
सरकार की तरफ से जारी एक ऑफिशियल ऑर्डर के मुताबिक, नीलकंठ मिश्रा का अपॉइंटमेंट उनके चार्ज संभालने की तारीख से तीन साल के लिए या अगले ऑर्डर तक, जो भी पहले हो रहेगा।
परमेश्वरन अय्यर का भी बढ़ा कार्यकाल
कैबिनेट की अपॉइंटमेंट्स कमिटी ने परमेश्वरन अय्यर का कार्यकाल 19 जून, 2026 के बाद बढ़ाने को भी मंजूरी दे दी है, जब तक कि मिश्रा औपचारिक रूप से यूनाइटेड स्टेट्स में वर्ल्ड बैंक हेडक्वार्टर में पद नहीं संभाल लेते। इस फैसले को कैबिनेट की अपॉइंटमेंट्स कमिटी ने मंजूरी दी, जो सीनियर लेवल की नियुक्तियों के लिए सरकार की टॉप बॉडी है।
कौन हैं अर्थशास्त्री नीलकंठ मिश्रा?
नीलकंठ मिश्रा की लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक, बोकारो स्टील सिटी के दिल्ली पब्लिक स्कूल से उन्होंने स्कूलिंग की है। इसके बाद साल 1987 से 1997 के बीच आईआईटी कानपुर से कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया। 1997 से 2000 तक हिंदुस्तान लिवर लिमिटेड में सिस्टम मैनेजर के रूप में सेवा दे चुके हैं। फिर 2000 से 2003 तक इंफोसिस में सीनियर टेक्निकल आर्किटेक्ट के तौर पर उन्होंने काम किया था। 2003 से 2023 तक 20 साल तक क्रेडिट सुइस में रहे और मैनेजिंग डायरेक्टर तक के पद पहुंचे। इसके बाद पिछले 3 साल 2 महीने से एक्सिस बैंक में मुख्य अर्थशास्त्री के तौर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
आर्थिक मामलों के जानकार हैं मिश्रा
नीलकंठ मिश्रा एक जाने-माने अर्थशास्त्री हैं। वह कई टीवी चैनलों और समाचार पत्रों में अर्थव्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय रखते हैं। बजट से लेकर दुनिया भर के आर्थिक उतार-चढ़ाव पर उनकी पैनी नजर रहती है। वो हर स्थिति का आकलन बेहद सटीक तरीके से करने के लिए जाने जाते हैं। इसके साथ ही इकोनॉमिक्स को बेहद आसान भाषा में समझाने का हुनर भी रखते हैं। अब वर्ल्ड बैंक में वो भारत की तरफ से अपने दायित्व निभाएंगे।






