1996 में आमिर खान और करिश्मा कपूर की फिल्म राजा हिंदुस्तानी रिलीज हुई थी। इस फिल्म की कहानी और म्यूजिक ने इस समय की ऑडियंस के बीच जबरदस्त प्रभाव डाला था। फिल्म ने कई अवॉर्ड भी अपने नाम किए। लेकिन क्या आप जानते हैं इस फिल्म के लिए पहले जूही चावला को पसंद किया गया था। लेकिन उनके और डायरेक्टर धधर्मेश दर्शन के बीच कुछ ऐसी बातें हुई जिसके बाद जूही फिल्म से हमेशा के लिए बाहर हो गई। डायरेक्टर के मुताबिक जूही ने कुछ ऐसा कह दिया था जिससे उन्हें बहुत ठेस पहुंची और उन्होंने जूही को इस फिल्म में नहीं लेने का फैसला किया।

1993 में एक फिल्म आई थी लुटेरे। इस फिल्म से डायरेक्टर धर्मेश दर्शन ने अपने डायरेक्टोरियल करियर की शुरुआत की थी। फिल्म में सनी देओल के साथ जूही चावला हीरोइन थीं। अपनी पहली ही फिल्म से डायरेक्टर धर्मेश, जूही को जानते थे। पहली फिल्म लुटेरे हिट भी गई थी। ऐसे में जब धर्मेश दर्शन राजा हिंदुस्तानी जैसी फिल्म बनाने लगे तो सबसे पहले उनके दिमाग में जूही चावला का नाम आया। फिल्म के सिलसिले में डायरेक्टर ने एक्ट्रेस से मुलाकात भी की जो अच्छी नहीं रही।
धर्मेश ने राजा हिंदुस्तानी की कहानी जूही चावला को सुनाई। लेकिन एक्ट्रेस इस कहानी से खास इम्प्रेस नहीं थीं। उन्हें फिल्म में मसाला नहीं लगा। डायरेक्टर ने जूही को मनाने और फिल्म की कहानी समझाने के लिए कहा कि इस फिल्म की कहानी सूरज बडजात्या की हम आपके हैं की तरह साधारण है। लोगों को ये कहानी अच्छी लगेगी। लेकिन जूही को शायद माधुरी दीक्षित की फिल्म का उदाहरण पसंद नहीं आया और उन्होंने अपने ही अंदाज में कह दिया कि ‘आप सूरज बडजात्या नहीं हैं।’ डायरेक्टर धर्मेश ने बताया कि शायद उस समय जूही का ईगो उनपर हावी था। एक्ट्रेस की ये बातें उन्हें इतनी चुभ गई कि उन्होंने भी पलटकर कहा ‘तुम भी माधुरी दीक्षित नहीं हो’।
जूही को धर्मेश की ये बातें बुरी लगीं और उन्होंने तुरंत राजा हिंदुस्तानी में काम करने से मना कर दिया। लेकिन अगले दिन जब उनका गुस्सा ठंडा हुआ तब उन्होंने डायरेक्टर को फोन कर माफी मांगी और फिर से मिलने के लिए कहा। धर्मेश भी मिलने के लिए तैयार हो गए। लेकिन अगले दिन जाकर उन्होंने अपनी फिल्म राजा हिंदुस्तानी की कहानी करिश्मा कपूर को सुना दी। करिश्मा को कहानी इतनी पसंद आई कि उन्होंने तुरंत आ कह दी। ऐसे इतना शानदार रोल जूही के साथ से निकलकर करिश्मा को मिल गया।





