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ट्रंप का ईरान को कड़ा संदेश: ‘बिना शर्त आत्मसमर्पण ही एकमात्र रास्ता’, सैन्य ताकत हुई पूरी तरह ध्वस्त

मिडिल ईस्ट के युद्धक्षेत्र से आ रही खबरें अब ईरान के लिए किसी बुरे सपने जैसी साबित हो रही हैं जहां उसकी सैन्य शक्ति बिखरती नजर आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि अब किसी भी तरह के कूटनीतिक समझौते की गुंजाइश खत्म हो चुकी है और केवल पूर्ण आत्मसमर्पण ही बचा है। ट्रंप के कड़े रुख ने यह साफ कर दिया है कि वे ईरान को विनाश की कगार से वापस लाने के लिए एक नई और स्वीकार्य लीडरशिप की तलाश में हैं। इस सैन्य अभियान की तेजी ने ईरानी नेतृत्व को चारों तरफ से घेर लिया है और अब उनकी हार लगभग तय मानी जा रही है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए ईरान को चेतावनी दी है कि अब आत्मसमर्पण के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि एक बार नया और स्वीकार्य नेता चुने जाने के बाद अमेरिका और उसके सहयोगी मिलकर ईरान की अर्थव्यवस्था को पहले से कहीं ज्यादा मजबूत बनाएंगे। ट्रंप का मानना है कि ईरान का भविष्य शानदार हो सकता है, लेकिन इसके लिए मौजूदा नेतृत्व को सत्ता छोड़नी होगी और हथियारों को पूरी तरह डालना होगा।

ट्रंप ने दावा किया है कि भारी सैन्य नुकसान झेलने के बाद अब ईरान बातचीत के लिए फोन कर रहा है और समझौता करने के रास्ते तलाश रहा है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति ने दो टूक शब्दों में कह दिया है कि अब वे बहुत देर कर चुके हैं क्योंकि संयुक्त सैन्य अभियान उम्मीद से कहीं अधिक सफल रहा है। इजरायल और अमेरिका की सेनाएं लगातार तेहरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं को निशाना बना रही हैं जिससे ईरान की युद्ध लड़ने की क्षमता लगभग खत्म हो चुकी है।

पिछले तीन दिनों के भीतर ही ईरान की नौसेना को जबरदस्त चोट पहुंची है और उसके 24 जहाज समुद्र में ही नष्ट कर दिए गए हैं। अमेरिका के अनुसार ईरान की लगभग 60 प्रतिशत मिसाइल प्रणाली और 64 प्रतिशत लॉन्च इंफ्रास्ट्रक्चर को अमेरिकी और इजरायली सेनाओं ने पूरी तरह मलबे में तब्दील कर दिया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ईरान जैसे ही कोई मिसाइल छोड़ता है, उसके महज चार मिनट के भीतर ही उस लॉन्चर को ढूंढकर तबाह कर दिया जाता है।

ईरान की वायु रक्षा प्रणाली और विमानन क्षमता का एक बड़ा हिस्सा अब इतिहास बन चुका है क्योंकि उनके एंटी-एयरक्राफ्ट हथियार पूरी तरह खत्म हो चुके हैं। ट्रंप ने सीधे तौर पर ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड, मिलिट्री और पुलिस के सदस्यों से अपील की है कि वे अपनी मौजूदा लीडरशिप का साथ छोड़कर हथियार डाल दें। अगर देश के सुरक्षा तंत्र के लोग अपनी सरकार से अलग होते हैं, तो वाशिंगटन ईरान के लिए एक शांतिपूर्ण और समृद्ध भविष्य बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा है कि दुश्मन की ताकत को तय समय से बहुत पहले ही नष्ट किया जा रहा है जिससे युद्ध का परिणाम स्पष्ट होने लगा है। उनका उद्देश्य ईरान को पूरी तरह से अपंग बनाकर उसे एक नई शुरुआत के लिए मजबूर करना है ताकि क्षेत्र में फिर से शांति स्थापित की जा सके। अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप का यह कड़ा रुख ईरान के अंदरूनी ढांचे में बड़ा बदलाव ला सकता है और युद्ध को एक निर्णायक अंत की ओर ले जा सकता है।

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