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सोनिया-राजीव के करीबी ने खोली रायबरेली सांसद की पोल

Rahul Gandhi: राजीव गांधी व सोनिया गांधी के करीबी रहे शकील अहमद ने बिहार विधानसभा चुनावों के बाद कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। अब उन्होंने राहुल गांधी की खुलकर आलोचना की है।

राहुल गांधी व बैकग्राउंड में शकील अहमद (डिजाइन फोटो)

Shakeel Ahmad: राजीव गांधी व सोनिया गांधी के करीबी रहे दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शकील अहमद ने बिहार विधानसभा चुनावों के बाद कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। अब उन्होंने राहुल गांधी पर तीखा हमला किया है। शकील ने राहुल गांधी को भारतीय राजनीति का सबसे डरपोक नेता बताया।

एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में शकील अहमद ने कहा कि राहुल गांधी कांग्रेस के मज़बूत नेताओं से डरते हैं और पार्टी में लाए गए नए नेताओं को ज्यादा पसंद करते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि मल्लिकार्जुन खड़गे सिर्फ नाम के अध्यक्ष हैं, असली ताकत राहुल गांधी के पास है। शकील अहमद ने राहुल गांधी के ‘संविधान बचाओ’ अभियान और मुस्लिम कार्ड के इस्तेमाल की भी आलोचना की और उन्हें नाकाम बताया।

राहुल सबसे डरपोक नेता: शकील

शकील ने कहा कि राहुल को पौधे लगाने से ज्यादा उन्हें उखाड़ने में दिलचस्पी है। वह अपनी ही पार्टी के मजबूत नेताओं से डरते हैं। इसी वजह से वह दूसरी पार्टियों से आए नेताओं को ज्यादा अहमियत देते हैं। मेरी राय में मैंने राहुल गांधी से ज्यादा इनसिक्योर नेता नहीं देखा। हिंदी में ‘डरपोक’ शब्द का इस्तेमाल करना बुरा लगता है क्योंकि यह एक कड़ा शब्द है, लेकिन यही सच है। इंग्लिश में यह बात थोड़ी नरम लगती है।

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किए कई और चौंकाने वाले खुलासे

शकील अहमद ने कहा कि उनके पार्टी छोड़ने के बाद दूसरी पार्टियों से आए नेताओं ने ऊंचे पद बनाए रखे हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि इन नेताओं का पार्टी में कोई मजबूत आधार नहीं है इसलिए वह जब चाहें उन्हें हटा सकते हैं। वह पहले से प्लान बना लेते हैं कि अगर कोई खास नेता पार्टी छोड़ता है तो वह कितना नुकसान कर सकता है।

‘उन्हें बॉस होने की फीलिंग पसंद है’

पूर्व कांग्रेस नेता ने कहा कि राहुल गांधी को बॉस होने का एहसास अच्छा लगता है। वह एक मज़बूत कांग्रेस पार्टी चाहते हैं, लेकिन वह चाहते हैं कि कांग्रेस नेता कमज़ोर और उनके अधीन रहें। वह चाहते हैं कि वे सिर्फ उनके प्रति वफादार रहें और उनके कंट्रोल में रहें।

‘पुराने नेताओं से कतराते हैं राहुल’

शकील अहमद ने यह भी कहा कि राहुल गांधी को पुराने नेताओं के साथ बैठना पसंद नहीं है क्योंकि उन्हें सम्मान से बात करनी पड़ती है, जैसे ‘आप’ और ‘जी’ कहकर। वह ऐसी स्थितियों से दूर रहते हैं जहां उनका कंट्रोल नहीं होता। उन्हें सीनियर नेता पसंद नहीं हैं।

उन्होंने यह भी दावा किया कि राहुल गांधी का ‘संविधान बचाओ’ अभियान बेकार था। वह संविधान लेकर घूमते रहे और बीजेपी और RSS से इसे बचाने के बारे में भाषण देते रहे। लेकिन चुनावों से कुछ समय पहले बीजेपी और RSS के 16-17 नेताओं को कांग्रेस पार्टी में शामिल किया गया और टिकट दिए गए। इसका एक वीडियो भी है। शकील अहमद के इस बयान से देश की राजनीति में बड़ा उथल-पुथल मच सकता है।

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