अपने ही कोचिंग सेंटर के बाहर हुए फायरिंग की घटना के बाद फैजल खान उर्फ खान सर निशाने पर आ गए हैं। मंगलवार को पटना सिविल कोर्ट में उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई होनी है। इससे पहले खान सर पर हत्या की कोशिश और आर्म्स एक्ट की संगीन धाराओं में केस दर्ज किया गया है। अब मंगलवार को कोर्ट के फैसले पर पूरे देश की निगाहें टिकी हैं। इस बवाल के केंद्र में एक और नाम है, और वह है रौशन सर। दरअसल यह पूरा विवाद खान सर के ‘खान ग्लोबल स्टडीज’ और रौशन के ‘ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी’ के बीच वर्चस्व की लड़ाई का नतीजा है। सवाल यह है कि दोनों पक्षों के बीच इतनी दुश्मनी आखिर पैदा कैसे हो गई? इसके लिए हमें थोड़ा पीछे चलना होगा।
बता दें कि 2 जून की रात को खान सर के कोचिंग सेंटर पर हुए हमले, पत्थरबाजी और फायरिंग के बाद रौशन आनंद पहले ही जेल की सलाखों के पीछे हैं। उनके बाद अब खान सर पर भी गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। इससे पहले पुलिस ने कोचिंग संस्थान के दो गार्ड को भी हिरासत में लिया था। आरोप है कि मंगलवार रात 15-20 लोगों के एक समूह ने कोचिंग सेंटर का पोस्टर फाड़ दिया और परिसर में पथराव किया। इस दौरान दोनों गार्ड ने कथित रूप से गोलियां चलाईं।
खान सर और रौशन सर के बीच की दुश्मनी की कहानी पुरानी है। थोड़ा बैकग्राउंड समझते हैं। दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर की तरह बिहार की राजधानी पटना का मुसल्लहपुर हाट इलाका सरकारी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले लाखों छात्रों का गढ़ है। यहां देश भर से लाखों छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने पहुंचते हैं। ऐसे में यहां कोचिंग सेंटर्स की भी भरमार है। इन कोचिंग सेंटर्स में अक्सर खुद को श्रेष्ठ दिखाने की होड़ होती है। इस होड़ में कई बार खुद को ऊंचा दिखाने के लिए सामने वाले संस्थान को नीचा दिखाना भी सामान्य है। खान सर और रौशन सर भी इससे अछूते नहीं।
ताजा विवाद की चिंगारी बिहार पुलिस और फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर (FRO) भर्ती परीक्षा के नतीजों के बाद भड़की। इस परीक्षा का परिणाम आते ही दोनों कोचिंग सेंटर के बीच सफल छात्रों का क्रेडिट लेने की होड़ मच गई। खान सर के संस्थान ने दावा किया कि उनके यहां से 12,000 छात्र सफल हुए, जबकि ज्ञान बिंदु ने 10,000 छात्रों की सफलता का दावा ठोक दिया।
इससे पहले फरवरी में जब फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर के 24 पदों का रिजल्ट आया, तो अभिषेक कुमार उर्फ अभिषेक पटेल ने टॉप किया। दोनों संस्थानों ने उसे अपना छात्र बताया। 28 मार्च को जब अभिषेक पटेल को खान सर ने सम्मानित करने के लिए बुलाया, तो रौशन आनंद भड़क गए। उन्होंने अभिषेक के साथ अपनी व्हाट्सएप चैट सार्वजनिक करते हुए आरोप लगाया कि खान सर ने टॉपर को 10 लाख रुपए देकर खरीद लिया है। हालांकि छात्र ने इन आरोपों को खारिज कर दिया, लेकिन पोस्टर फाड़ने और बैनर हटाने की शुरुआत यहीं से होने लगी।
मुसल्लहपुर का ‘किसान कोल्ड स्टोरेज’ कैंपस इस पूरे विवाद का मुख्य केंद्र है। 2018-19 तक इस कैंपस में करीब 20 छोटे-बड़े कोचिंग संस्थान चलते थे, लेकिन कोविड-19 महामारी के बाद कई बंद हो गए। इस दौरान सोशल मीडिया पर खान सर की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी। इसके बाद उन्होंने बंद हो चुके कोचिंग सेंटरों के हॉलों और ऑफिसों को किराए पर लेना शुरू कर दिया। आज इस कैंपस के अधिकांश हिस्से पर ‘खान ग्लोबल स्टडीज’ का नियंत्रण है। ज्ञान बिंदु के शिक्षकों का आरोप है कि खान सर पूरे कैंपस पर एकाधिकार चाहते हैं और उन्हें मकान मालिकों का भी समर्थन है, क्योंकि वे भारी-भरकम किराया देते हैं।
पटना के कोचिंग हब में छात्र हॉस्टलों की भी अहम भूमिका है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इन हॉस्टल्स के लड़के उसी कोचिंग का साथ देते हैं जो उन्हें त्योहारों या आयोजनों पर सबसे ज्यादा चंदा या फंड देती है। दोनों ही शिक्षक एक-दूसरे पर हॉस्टल के लड़कों का इस्तेमाल कर हमले करवाने का आरोप लगाते रहे हैं। रौशन आनंद का आरोप है कि खान सर ‘पटेल हॉस्टल’ के लड़कों के जरिए उन पर हमले करवाते हैं। वहीं, खान सर का आरोप है कि रौशन आनंद और उनके भाई प्रिंस ने मार्च 2021 में अन्य हॉस्टल के लड़कों के साथ उनके क्लासरूम में घुसकर तोड़फोड़ की थी।
खान सर की सोशल मीडिया की लोकप्रियता को उनके विरोधी अक्सर एक PR कैंपेन का नाम देते हैं। रौशन आनंद अपनी क्लासेज में कई बार खान सर का नाम लिए बिना उन्हें ‘रील टीचर’ कहते नजर आए। उन्होंने एक बार यह आरोप भी लगाया था कि खान सर ने कपिल शर्मा के शो में जाने के लिए पीआर एजेंसी को लाखों रुपये दिए थे। वहीं दूसरी तरफ रौशन आनंद के संस्थान को खान सर ने ‘दरोगा फैक्ट्री’ का नाम दे दिया है। खान सर अपने छात्रों से कहते दिखे थे, “फैक्ट्री में मत जाओ, वहां जाओगे तो मजदूर बनोगे। सोचो, मजदूर बनना है या अफसर?”
नया बवाल तब शुरू हुआ जब कैंपस में पोस्टर लगाने को लेकर दोनों पक्षों के स्टाफ के बीच झड़प हो गई। 2 जून की रात करीब 10 बजे 15-20 उपद्रवियों ने खान सर के दफ्तर पर हमला कर दिया। इसके बाद शुरुआत में खान सर ने दावा किया कि हमलावरों ने 8-10 राउंड फायरिंग की। लेकिन जब पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली, तो फायरिंग का कोई सबूत नहीं मिला। इसके बाद खान सर ने अपना बयान वापस ले लिया। कहानी में ट्विस्ट तब आया जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें खान सर के ही दो निजी बॉडीगार्ड हवा में फायरिंग करते दिखे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए खान सर के गार्ड्स को गिरफ्तार कर उनके हथियार जब्त कर लिए। वहीं एफआईआर में खान सर को भी नामजद किया है। आरोप है कि उनके गार्ड्स ने उन्हीं के इशारे पर गोली चलाई थी।






