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LPG गैस पर महंगाई का बम: 1st अप्रैल को फूटा मंहगाई का बम! कमर्शियल सिलेंडर 200 रुपये महंगा होकर 2000 के पार

देश में 1 अप्रैल की शुरुआत महंगाई के एक बड़े झटके के साथ हुई है। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और ग्लोबल मार्केट में बढ़ती कीमतों का सीधा असर भारतीय उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ने लगा है। तेल कंपनियों ने कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में भारी बढ़ोतरी कर दी है। अब होटल, रेस्टोरेंट्स और ढाबा चलाने वालों के लिए लागत बढ़ना तय माना जा रहा है।

मिडिल ईस्ट में ईरान-अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने से सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है। इस वैश्विक संकट के चलते भारत में 1 अप्रैल की आधी रात से महंगाई का विस्फोट हुआ है। 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से एक महीने के भीतर यह तीसरी बार है जब सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए हैं। पिछले एक महीने में कमर्शियल सिलेंडर के रेट्स करीब 310 रुपये तक महंगे हो चुके हैं। तेल कंपनियों ने लागत के बढ़ते दबाव को देखते हुए यह कड़ा फैसला लिया है।

दिल्ली से चेन्नई तक: अब क्या है कीमत?

इस बढ़ोतरी के बाद देश के प्रमुख महानगरों में 19 किलो वाले कमर्शियल (हलवाई) सिलेंडर की कीमतें रुपये2000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गई हैं:

दिल्ली: अब सिलेंडर 2078.50 रुपये में मिलेगा।
कोलकाता: यहां सबसे अधिक 2208 रुपये की कीमत चुकानी होगी।
मुंबई: यहां नया रेट 2031 रुपये तय किया गया है।
चेन्नई: यहां सिलेंडर की कीमत 2246.50 रुपये तक पहुंच गई है।

घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राहत, पुराना बोझ बरकरार

कमर्शियल सिलेंडर में भारी उछाल के बीच आम जनता के लिए राहत की खबर यह रही कि 14.2 किलो वाले घरेलू गैस सिलेंडर के रेट्स में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। हालांकि, यह याद रखना जरूरी है कि तेल कंपनियों ने 7 मार्च 2026 को घरेलू सिलेंडर के दाम में पहले ही 60 रुपये की बड़ी बढ़ोतरी कर दी थी। वर्तमान में दिल्ली में घरेलू रसोई गैस 913 रुपये, कोलकाता में 939, मुंबई में 912.50 और चेन्नई में 928.50 रुपये की दर पर उपलब्ध है।

क्यों बढ़ रही है गैस की कीमत?

दरअसल, भारत का अपनी गैस जरूरतों का तकरीबन 90 फीसदी हिस्सा कतर, कुवैत और सऊदी अरब जैसे मिडिल ईस्ट के देशों से आता है। युद्ध की वजह से इन देशों से सप्लाई रुक गई है, जिसके कारण भारत को अब दूसरे देशों से मदद लेनी पड़ रही है। इन देशों से गैस आयात करना और शिपिंग खर्च उठाना काफी महंगा पड़ रहा है।

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