ब्यूरो रिपोर्ट . मेरी पत्नी की टांग काट दी है। मेरी मम्मी खत्म हो गई। मेरी साली खत्म हो गई। अभी चार लोगों का पता नहीं है। मेरा पूरा परिवार उजड़ गया। 11 महीने की बच्ची है वो भी खत्म हो गई। मैं टॉयलेट करने गया था, इसलिए मैं बच गया। दो से तीन मिनट में हादसा हो गया। ये कहना है कि आगरा के दीपक का, जो अपनी बेटी का मुंडन कराने वैष्णो देवी गए थे। हादसे में उनकी मां सुनीता देवी (50), बेटी सेजल (11 माह) और साली भावना (11) की मौत हो गई। उनकी पत्नी का पैर कट गया है। पिता अर्जुन लापता है। दीपक हॉस्पिटल में एडमिट हैं। हादसे की सूचना के बाद से कुम्हारपाड़ा में माहौल गमगीन है। वैष्णो देवी हादसे में अब तक आगरा के 9 लोगों की मौत हो चुकी है।
अब जानिए पूरा मामला कुम्हारापाड़ा निवासी अर्जुन कुमार जूता कारीगर हैं। उनका बेटा दीपक भी जूते बनाने का काम करता है। दीपक की दो बेटी ऐंजल और सेंजल हैं। दीपक के बहनोई प्रमोद कुमार ने बताया कि दीपक की तीन साल की बेटी एंजिल हैं। उन्होंने मन्नत मांगी थी।
इसलिए बेटी का मुंडन कराने के लिए दीपक परिवार के साथ मां वैष्णो देवी मंदिर दर्शन के लिए गए थे। उनके साथ पत्नी मोना (26), बेटी ऐंजल, 11 महीने की बेटी सेजल, पिता अर्जुन सिंह, मां सुनीता देवी, कोटली बगीची निवासी बहन जैसमिन, बहनोई मोहित और साली भावना भी गए थे।
बुधवार दोपहर को जैसमिन ने दिल्ली में रहने वाली बड़ी बहन नीलम को फोन किया। बताया कि वह लोग हादसे का शिकार हो गए हैं। अस्पताल में भर्ती हैं। पिता अर्जुन का पता नहीं चल रहा है। इस पर नीलम ने प्रमोद को फोन करके जानकारी दी।
सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। दीपक के चाचा राजू जम्मू के लिए रवाना हो गए। मगर ट्रेन रद्द होने की वजह से दिल्ली से कार से गए। घटना का पता चलने पर दीपक के घर के बाहर पड़ोस के लोग जुट गए।
टॉयलेट करने गया था दीपक, इसलिए बच गया दीपक के बहनोई ने बताया- दीपक के चोट लगी है, वो अस्पताल में भर्ती है। उसने बताया कि जब हादसा हुआ तो वो दर्शन करके अर्द्ध कुंवारी लौट रहे थे। उन्हें टॉयलेट लगा तो वो परिवार को बैठाकर भवन के रास्ते में बने शौचालय में गए। अचानक बहुत तेज आवाज हुई। मलवा आया, सब लोग मलबे में दब गए। चीख पुकार मच गई। वो उस जगह पर नहीं थे, इसलिए बच गए।