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होली के दिन भी वनों की सुरक्षा में जुटे रहे वनकर्मी

सोनाखान के जंगलों में लगी आग पर पाया काबू

रायपुर, वन केवल हमारी प्रकृति की सुंदरता नहीं बढ़ाते, बल्कि जलवायु संतुलन, जैव विविधता और जीवन के लिए आवश्यक संसाधन भी प्रदान करते हैं। छत्तीसगढ़ के जंगलों की सुरक्षा और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए वन विभाग लगातार सतर्कता के साथ कार्य कर रहा है। वन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन और प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) श्री अरुण कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में वन अग्नि प्रबंधन को लेकर प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।

          होली के त्यौहार के दौरान भी वन विभाग की टीम पूरी मुस्तैदी से अपने दायित्वों का निर्वहन करती रही। जब पूरा प्रदेश होली के उत्सव में व्यस्त था, उस समय वनकर्मी जंगलों को आग से बचाने के लिए फील्ड में तैनात रहे। बीती रात बलौदाबाजार वनमंडल के सोनाखान परिक्षेत्र अंतर्गत कसडोल-कोठारी मार्ग पर देवतराई और पौड़ी के बीच जंगल में आग लगने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और आग बुझाने की कार्रवाई शुरू की।

         स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वनमंडलाधिकारी श्री धम्मशील गणवीर स्वयं मौके पर पहुंचे और टीम का नेतृत्व करते हुए आग पर काबू पाया। स्थानीय रेंज अधिकारी और बीट प्रभारियों ने फायर लाइन बनाकर, फायर बीटर और अन्य संसाधनों की मदद से आग को फैलने से रोक दिया। वनमंडलाधिकारी ने मौके पर मौजूद वनकर्मियों का उत्साह बढ़ाते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। वन विभाग का उद्देश्य बेहतर प्रबंधन, जागरूकता और जनसहभागिता के माध्यम से वनों को आग से सुरक्षित रखना और पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करना है।

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