जिम्बाब्वे के हरारे स्पोर्ट्स क्लब में कुछ ऐसा हुआ, जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। महज 14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने ऐसी ‘तबाही’ मचाई कि एक विदेशी क्रिकेट बोर्ड को उसे रोकने के लिए ‘कानूनी कार्रवाई’ और ‘गिरफ्तारी’ की मांग करनी पड़ी। सोशल मीडिया पर इस ‘X-rated’ घटना के चर्चे हर तरफ हैं।
क्रिकेट के मैदान पर अक्सर रिकॉर्ड बनते और टूटते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सुना है कि किसी खिलाड़ी के प्रदर्शन को ‘अपराध’ की श्रेणी में रख दिया जाए? हरारे में खेले गए इस मुकाबले के दौरान कुछ ऐसा ही नज़ारा देखने को मिला। जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ा, मैदान पर मौजूद विपक्षी टीम के खिलाड़ी बेबस नज़र आने लगे। स्थिति इतनी भयावह हो गई कि सोशल मीडिया पर एक आधिकारिक क्रिकेट बोर्ड ने इस खिलाड़ी को तुरंत ‘गिरफ्तार’ करने की मांग उठा दी।
आइसलैंड क्रिकेट बोर्ड ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट करते हुए लिखा, “वैभव सूर्यवंशी को अभी के अभी गिरफ्तार करो… इंग्लिश गेंदबाजों के खिलाफ मैदान पर चल रही यह हिंसा ‘X-rated’ है।” इस पोस्ट ने इंटरनेट पर आग लगा दी है और लोग यह जानने को बेताब हैं कि आखिर इस 14 साल के लड़के ने ऐसा क्या कर दिया कि उसे ‘हिंसक’ करार दिया जा रहा है।
इंग्लिश गेंदबाजों की बेरहमी से ‘पिटाई’ पर किया पोस्ट वायरल
दरअसल, यह ‘हिंसा’ कोई शारीरिक लड़ाई नहीं, बल्कि वैभव के बल्ले से निकली वह ‘आग’ थी जिसने इंग्लैंड के गेंदबाजी आक्रमण को झुलसा कर रख दिया। अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ वैभव ने ऐसी बल्लेबाजी की जिसे क्रिकेट के इतिहास में ‘सुवर्ण अक्षरों’ में लिखा जाएगा।
वैभव ने मात्र 80 गेंदों में 175 रनों की विस्फोटक पारी खेली। उनकी इस पारी में 15 गगनचुंबी छक्के और 15 करारे चौके शामिल थे। 14 साल के इस किशोर ने अनुभवी दिख रहे गेंदबाजों को मैदान के चारों कोनों में ऐसे दौड़ाया, जैसे कोई ‘क्रिमिनल’ पुलिस से बचने के लिए भागता है। उनकी इस पारी की बदौलत भारत ने 30 ओवरों में ही 283/3 का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया।
ट्रेविस हेड का वर्ल्ड रिकॉर्ड ध्वस्त
वैभव का यह ‘गुनाह’ इतना बड़ा था कि उन्होंने दुनिया के सबसे धाकड़ बल्लेबाजों में शुमार ऑस्ट्रेलिया के ट्रेविस हेड का तीन साल पुराना वर्ल्ड रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। हेड ने 2023 की वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के फाइनल में भारत के खिलाफ 174 रन बनाए थे, जो किसी भी आईसीसी (ICC) टूर्नामेंट के फाइनल का सबसे बड़ा स्कोर था।
लेकिन वैभव ने महज 14 साल की उम्र में 175 रन बनाकर हेड के उस रिकॉर्ड को मलबे में तब्दील कर दिया। वह अपने दोहरे शतक की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन एक स्लोअर बॉल पर कैच आउट होने के कारण उनका यह ऐतिहासिक दोहरा शतक मात्र 25 रनों से चूक गया। हालांकि, आउट होने से पहले वे आधा दर्जन से अधिक वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके थे।
संघर्ष से सफलता तक: वैभव का असली ‘तांडव’
हैरानी की बात यह है कि टूर्नामेंट की शुरुआत में वैभव काफी संघर्ष कर रहे थे। अमेरिका के खिलाफ मैच में वे केवल 2 रन बनाकर पवेलियन लौट गए थे। हालांकि, उन्होंने कुछ अर्धशतक जरूर लगाए, लेकिन वे उन्हें बड़े स्कोर में तब्दील नहीं कर पा रहे थे। लेकिन फाइनल के बड़े मंच पर वैभव ने अपना असली अवतार दिखाया। उन्होंने न केवल भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि क्यों उन्हें आने वाले समय का ‘सुपरस्टार’ माना जा रहा है।
आइसलैंड क्रिकेट की वह ‘गिरफ्तारी’ वाली पोस्ट दरअसल उनकी असाधारण प्रतिभा को दिया गया एक सम्मान था, जिसे उन्होंने मजाकिया लहजे में पेश किया था। आज पूरा क्रिकेट जगत इस 14 साल के ‘तूफान’ को सलाम कर रहा है।





