लखनऊ ब्यूरो रिपोर्ट। वक्फ संशोधन बिल (Waqf Amendment Bill) लोकसभा में पेश कर दिया गया है. इस दौरान सदन में जबरदस्त हंगामा देखने को मिला. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वक्फ संशोधन बिल (Waqf Amendment Bill) का पुरजोर विरोध किया है. उन्होंने कहा कि अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए भाजपा सरकार इस बिल को लेकर आई है. देश में बेरोजगारी और महंगाई चरम पर है. लेकिन सरकार मुस्लिमों या इस्लाम में विभाजन चाहती है. ऐसे में ये बिल देश के हित में सही साबित नहीं होगा।
अखिलेश यादव ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की सरकार की ओर से पेश इस बिल को भाजपा के लिए वाटर लू साबित होने वाला बताया है. अखिलेश यादव ने कहा कि वक्फ की संपत्ति पर अब सरकार की नजर है. वो उससे मुनाफा कमाना चाहती है. जबकि ये तो वो सरकार है जिसने महाकुम्भ में भी मुनाफे का आंकड़ा लगाया था. लेकिन महाकुम्भ में जो एक हजार लोग गायब हैं उनका आंकड़ा सरकार के पास नहीं है।
अखिलेश यादव ने अयोध्या में बने राम मंदिर में राम सीता लक्षमण की भूमिका निभाने वाले कलाकारों का भी जिक्र करते हुए कहा कि ये सब लोग तो मुम्बई से आए, लेकिन महाबलशाली हनुमान बाद में आए न कि उनके साथ. उन्होंने सामाजिक समरसता का हवाला देते हुए कहा कि इस बार पीडीए 27 में रंग लाएगी,अखिलेश यादव ने भाजपा के प्रदेश और राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में हो रही देरी पर भी जवाब मांगा. इस पर केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा कि पारिवारिक पार्टी का अध्यक्ष का चुनाव चंद लोगों में हो जाता है और परिवार का सदस्य ही राष्ट्रीय अध्यक्ष बनता है. लेकिन भाजपा में 12 करोड़ लोगों में से चुनाव करना है. इस लिए देरी हो रही है. अमित शाह ने अखिलेश यादव के अगले 25 सालों तक सपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की कामना किया.