रायपुर । भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का प्रस्तावित छत्तीसगढ़ दौरा रद्द होने को लेकर आम आदमी पार्टी ने गंभीर सवाल उठाए हैं। आप के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा ने कहा कि जिस तरह से मुख्य चुनाव आयुक्त का छत्तीसगढ़ दौरा रद्द हुआ है, उससे चुनाव आयोग की निष्पक्षता और उसकी कार्यप्रणाली को लेकर जनता के मन में कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
अभिषेक मिश्रा ने कहा कि आम आदमी पार्टी लगातार चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और संवैधानिक संस्थाओं की जवाबदेही की मांग उठाती रही है। ऐसे में जनता और राजनीतिक दलों के सवालों का सामना करने के बजाय दौरा रद्द किया जाना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर संकेत है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने अपने पद की संवैधानिक गरिमा और जिम्मेदारियों के अनुरूप आचरण नहीं किया है। चुनाव आयोग जैसी महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्था से जनता निष्पक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही की अपेक्षा करती है। यदि इन मूल्यों पर सवाल उठते हैं तो इसकी जिम्मेदारी तय होना आवश्यक है।
आप नेता ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त को पूरे मामले पर देश और छत्तीसगढ़ की जनता के सामने स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। आखिर प्रस्तावित दौरा क्यों रद्द किया गया और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या है, इसका जवाब जनता को मिलना चाहिए।
अभिषेक मिश्रा ने कहा कि आम आदमी पार्टी लोकतांत्रिक अधिकारों और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता से जुड़े मुद्दों पर चुप नहीं बैठेगी। पार्टी इस मामले को लेकर लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीकों से अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी और जिम्मेदारी तय करने की मांग करेगी।
उन्होंने कहा कि यदि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठते हैं, तो उन्हें पद की गरिमा बनाए रखते हुए जवाबदेही स्वीकार करनी चाहिए। आम आदमी पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की अपनी मांग पर कायम है और इस मुद्दे को जनता के बीच मजबूती से उठाती रहेगी।







