दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में 6 सितंबर को हुए इमारत हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) ने कार्रवाई तेज कर दी है। ढही हुई इमारत से बिल्कुल सटी दूसरी बहुमंजिला इमारत को गिराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसे असुरक्षित और खतरनाक घोषित किया गया था। वहीं, दिल्ली पुलिस ने मामले में चौथी गिरफ्तारी की है। पुलिस ने PG ऑपरेटर सुधांशु को गिरफ्तार किया है। उससे पूछताछ जारी है।
PG ऑपरेटर सुधांशु गिरफ्तार
इमारत हादसे की जांच के दौरान दिल्ली पुलिस ने सुधांशु को गिरफ्तार किया। इससे पहले पुलिस इमारत की मालिक उर्मिला, उसके पति हरिराम और उसके बेटे को गिरफ्तार कर चुकी है।
मामले में एक अन्य आरोपी शुभम त्यागी अभी फरार है। पुलिस की टीमें उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं।
सटी हुई इमारत को गिराने का काम शुरू
हादसे के बाद MCD ने ढही हुई इमारत से सटी दूसरी बहुमंजिला बिल्डिंग को असुरक्षित घोषित किया था। अब निगम ने इसे गिराने का काम शुरू कर दिया है।
MCD के एक अधिकारी के मुताबिक, इमारत को गिराने का काम शुरू कर दिया गया था। शाम को काम रोक दिया गया। इसे अगली सुबह फिर शुरू किया जाएगा।
इमारत को एक्सपर्ट्स की निगरानी में गिराया जाएगा। अचानक गिरने से बचाने के लिए बिल्डिंग के चारों तरफ लोहे के सपोर्ट लगाए गए हैं।
लड़कियों का PG चलता था
जिस इमारत को गिराया जा रहा है, उसमें लड़कियों का PG चलता था। रविवार को हादसे के तुरंत बाद इसे खाली करा लिया गया था।
MCD ने मकान नंबर 13 के मालिक और वहां रहने वाले लोगों को इमारत गिराने का आदेश जारी किया था। निगम के मुताबिक, इमारत से आसपास की दूसरी इमारतों और लोगों की जान को बड़ा खतरा था।
डिमोलिशन की कार्रवाई शुरू होने से पहले छात्रों को अपना बचा हुआ सामान ले जाने के लिए कहा गया था।
दो दिन में 1,100 PG का सर्वे
सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD ने पूरी दिल्ली में PG आवासों के खिलाफ अभियान शुरू किया है। पिछले दो दिनों में निगम की टीमों ने दिल्ली के सभी 12 जोनों में करीब 1,100 PG संपत्तियों का सर्वे किया है।
इन PG में करीब 20,250 छात्र रह रहे हैं।
24 संपत्तियों पर चला बुलडोजर
सर्वे के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाली इमारतों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। MCD के मुताबिक, 24 संपत्तियों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई है।
इसके अलावा 27 संपत्तियों को ध्वस्त करने के नए आदेश जारी किए गए हैं। सात संपत्तियों को पूरी तरह सील किया गया है। 35 संपत्तियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
सीलिंग कार्रवाई से जुड़े छह अलग कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए हैं।
सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD का यह अभियान दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में PG संपत्तियों की जांच और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई के तौर पर आगे बढ़ाया जा रहा है।







