बेमेतरा। साजा विधानसभा क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा के लिए विधायक निधि से खरीदे गए कंप्यूटर अब जांच के दायरे में आ गए हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान करीब 40 सरकारी स्कूलों में वितरित कंप्यूटरों की खरीदी में वित्तीय अनियमितता के आरोप लगने के बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जिस कंप्यूटर सेट की बाजार कीमत लगभग 60 हजार रुपये है, उसे करीब 2.5 लाख रुपये प्रति सेट की दर से खरीदा गया। आरोपों के अनुसार डिजिटल शिक्षा के नाम पर करीब एक करोड़ रुपये खर्च किए गए, जिसकी पारदर्शिता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इन आरोपों की जांच अभी जारी है।
वहीं नवागांवकला, केहका, केसतरा और बीजा सहित कई स्कूलों के प्राचार्यों का कहना है कि उन्होंने कंप्यूटरों की मांग नहीं की थी। उनके अनुसार कई स्कूलों में कंप्यूटर लैब या सुरक्षित कक्ष की व्यवस्था नहीं होने के कारण उपकरण उपयोग में नहीं आ पा रहे हैं और स्टोर रूम या कक्षाओं में रखे हुए हैं।
मामले को लेकर कांग्रेस ने भी सरकार और प्रशासन को घेरा है। पूर्व विधायक एवं जिला पंचायत सदस्य आशीष छाबड़ा ने इसे विधायक निधि के दुरुपयोग का मामला बताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा।
वहीं साजा विधायक ईश्वर साहू ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने केवल मांग के अनुसार कलेक्टर को अनुशंसा भेजी थी, जबकि खरीदी की पूरी प्रक्रिया जिला प्रशासन द्वारा की गई है। उन्होंने भी निष्पक्ष जांच का स्वागत किया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगोई ने डिप्टी कलेक्टर के नेतृत्व में चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को कंप्यूटरों की गुणवत्ता, स्कूलों में उपलब्धता तथा खरीदी प्रक्रिया की जांच कर सात दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
अब पूरे मामले में सभी की निगाहें जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हैं। यदि जांच में शिकायतों के आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला सरकारी धन के उपयोग और जवाबदेही से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन सकता है। वहीं यदि आरोप सही नहीं पाए जाते हैं, तो जांच रिपोर्ट स्थिति को स्पष्ट करेगी।






