हाल में ही भारत और अफगानिस्तान के बीच 3 मुकाबलों की वनडे सीरीज का समापन हुआ है। इस सीरीज में हश्मतुल्लाह शाहिदी की अगुवाई वाली अफगानिस्तान टीम को भारत से तीनों मुकाबलों में बड़ी हार का सामना करना पड़ा। सीरीज के आखिरी मुकाबले में अफगान कप्तान ने शतक भी जड़ा, लेकिन उनका ये शतक टीम को जीत न दिला सका। अब इस करारी हार के बाद कप्तान शाहिदी को एक और बड़ा झटका लगा है।
चेन्नई में भारत और अफगानिस्तान के बीच आखिरी मुकाबला खेला गया। इसी मैच में अफगान कप्तान शाहिदी को कोड ऑफ कंडक्ट का दोषी पाया गया। अब ये उल्लंघन उनके लिए भारी पड़ता हुई दिखाई दे रहा है। आईसीसी ने शाहिदी पर कड़ा एक्शन लेते हुए आधिकारिक रूप से फटकार भी लगाई है, जिसके साथ ही उनके डिसिपिलेनरी रिकॉर्ड में एक डिमेरिट प्वाइंट्स जोड़ दिया है। बता दें कि पिछले 24 महीनों में ये उनका पहला अपराध माना गया है।
शाहिदी ने गलती की स्वीकार
आईसीसी के द्वारा फटकार के बाद अफगानिस्तान के कप्तान हश्मतुल्लाह शाहिदी ने अपनी गलती को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने आईसीसी एलीट पैनल के मैच रेफरी मदुगले द्वारा दी गई सजा को मान लिया है। ये ही कारण रहा कि इस मामले के लिए आईसीसी को औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी। बता दें कि मैदान पर मौजूद अंपायर क्रिस गैफनी, रोहन पंडित और थर्ड अंपायर रिचर्ड इलिंगवर्थ व फोर्थ अंपायर वीरेंद्र शर्माने के द्वारा ये आरोप दर्ज कराया गया था।
आईसीसी के नियम कहता है कि लेवल-1 का उल्लंघन करने पर खिलाड़ी को फटकार के अलावा मैच फीस का 50 तक जुर्माना या फिर एक-दो डिमेरिट पाइंट दिए जा सकते हैं।
क्या था पूरा मामला?
भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मुकाबलों की सीरीज के अंतिम मैच में अफगानिस्तान के कप्तान शाहिदी पर पिच को नुकसान पहुंचाने से जुड़े नियम के उल्लंघन का दोषी पाया गया है। जिसके बाद आईसीसी ने उन्हें प्लेयर और सपोर्ट स्टाफ के लिए लागू कोड ऑफ कंडक्ट के अनुच्छेद 2.10.10 का दोषी बताया। बता दें कि ये नियम बल्लेबाज द्वारा जानबूझकर पिच को नुकसान पर पहुंचाने से जुड़ा हुआ है।






