रायपुर, पर्यावरण संरक्षण और पारिस्थितिक संतुलन को सुदृढ़ करना आधुनिक युग की सबसे बड़ी आवश्यकता है। भारत सरकार और विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा चलाई जा रही पर्यावरण-हितैषी नीतियों के सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर साफ दिखने लगे हैं। देश में हरित आवरण (ग्रीन कवर) को बढ़ाने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है। राष्ट्रीय वनीकरण कार्यक्रम (NAP), मनरेगा और नगर वन योजना जैसी शासकीय योजनाओं के बेहतर समन्वय से हर साल वृक्षारोपण के क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है।
इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ राज्य में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा वन संवर्धन और हरियाली को बढ़ाने के लिए विगत वर्षों से लगातार वृहद पैमाने पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान चलाया जा रहा है। आज 05 जून 2026 को विश्व वानिकी दिवस के पावन अवसर पर इस वर्ष के भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया जा रहा है।
वर्ष 2026: संकल्प, लक्ष्य और अभूतपूर्व तैयारियां
भारत सरकार के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा चालू वर्ष (वर्षाऋतु 2026) के लिए राज्य को 2 करोड़ 50 लाख पौधों के रोपण एवं वितरण का महत्वाकांक्षी लक्ष्य प्राप्त हुआ है। राज्य शासन ने इस लक्ष्य को शत-प्रतिशत हासिल करने के लिए सभी वनमंडलों में व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस पूरे अभियान को सितंबर 2026 तक पूर्ण कर प्रगति रिपोर्ट भारत सरकार के ‘मेरी लाईफ’ (Meri LiFE) पोर्टल पर अपलोड कर दी जाएगी।
योजनावार रोपण एवं वितरण
विभागीय योजनाएं: इसके तहत 2,124 हेक्टेयर क्षेत्र और 12.70 किलोमीटर में 20 लाख 72 हजार पौधों का रोपण किया जाएगा।
मनरेगा (MGNREGA) अंतर्गत: ग्रामीण विकास के समन्वय से 6 किलोमीटर के क्षेत्र में 2,400 पौधों का रोपण होगा।
कैम्पा (CAMPA) मद: वन विकास के तहत 4,376 हेक्टेयर के विशाल क्षेत्र में 42 लाख 18 हजार पौधों का रोपण सुनिश्चित किया गया है।
अन्य योजनाएं: विभिन्न विकास कार्यों के साथ 92 हेक्टेयर क्षेत्र में 1 लाख 38 हजार पौधों का रोपण किया जाएगा।
कुल रोपण क्षेत्र: इस प्रकार राज्य के कुल 6,592 हेक्टेयर क्षेत्र और 22.90 किलोमीटर की पट्टी में 64 लाख 31 हजार पौधों का रोपण कार्य संपन्न होगा।
निःशुल्क हरित वितरण
आम जनमानस की सहभागिता के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत 74 लाख 45 हजार पौधों का वितरण कर राज्य को हरितिमा से सराबोर किया जाएगा।
किसान वृक्ष मित्र योजना
कृषकों की आय बढ़ाने और निजी सहभागिता के लिए प्रदेश के किसानों की निजी भूमियों पर 17,670 एकड़ रकबा में 1 करोड़ 20 लाख 47 हजार पौधों का रोपण किया जाएगा।
कुल उपलब्धि का लक्ष्य: इन सभी शासकीय और निजी प्रयासों को मिलाकर इस वर्ष प्रदेश में कुल 259.23 लाख (लगभग 2.59 करोड़) पौधों के रोपण एवं वितरण का गौरवशाली लक्ष्य निर्धारित है।
वर्ष 2025 ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ की ऐतिहासिक सफलता
बीते वर्ष 2025 की वर्षाऋतु में छत्तीसगढ़ ने केंद्र सरकार द्वारा दिए गए लक्ष्यों से कहीं आगे बढ़कर पौधे लगाने और उनके वितरण में रिकॉर्ड सफलता हासिल की थी।
लक्ष्य से दोगुनी प्राप्ति
भारत सरकार द्वारा प्रदत्त 1 करोड़ 65 लाख के लक्ष्य के विरुद्ध विभाग ने राज्य में रिकॉर्ड 3 करोड़ 55 लाख 45 हजार पौधों का रोपण एवं वितरण कर उसे ‘मेरी लाईफ’ पोर्टल पर अपलोड किया था।
योजनावार कुल रोपण: कुल 13,030 हेक्टेयर और 14.50 किलोमीटर क्षेत्र में 1 करोड़ 67 लाख 78 हजार पौधों का रोपण किया गया। इसमें विभागीय योजनाएं (26.21 लाख), मनरेगा (11,941), कैम्पा (18.49 लाख), अन्य योजनाएं (67.92 लाख) और छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम (55 लाख) का सराहनीय योगदान रहा।
हरित वितरण
जन-साधारण को हरियाली से जोड़ने के लिए 59 लाख 04 हजार पौधों का वितरण किया गया।
नदी तटों का संरक्षण
मृदा कटाव को रोकने और स्थानीय आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए हसदेव, महानदी, खारून, शिवनाथ, कन्हर जैसी प्रमुख नदियों के तटों पर 300 हेक्टेयर में 2 लाख 65 हजार फलदार व छायादार पौधे लगाए गए।
सड़कों के किनारे वनीकरण
मार्गों की सुंदरता और हरियाली बढ़ाने हेतु सड़क किनारे 25 किलोमीटर की दूरी में 24 हजार 350 पौधे रोपे गए।
कृषकों की महा-सहभागिता
‘किसान वृक्ष मित्र योजना’ के तहत 13,849 किसानों ने अपनी 24,607 एकड़ निजी भूमि पर 1 करोड़ 28 लाख 63 हजार 241 पौधों का रोपण किया। इसमें मुख्य रूप से क्लोनल नीलगिरी (1 करोड़ 1 लाख), साधारण सागौन (21.66 लाख), साधारण बांस, चंदन और मिलिया डूबिया जैसी मूल्यवान प्रजातियां शामिल रहीं।
वर्ष 2024: हरित क्रांति की मजबूत नींव
वर्ष 2024 की वर्षाऋतु भी राज्य के लिए वन संवर्धन के क्षेत्र में बेहद उत्कृष्ट रही।
लक्ष्य से अधिक प्रदर्शन
भारत सरकार द्वारा निर्धारित 2 करोड़ 75 लाख के लक्ष्य के विरुद्ध विभाग ने कुल 3 करोड़ 50 लाख 68 हजार पौधों का रोपण एवं वितरण कार्य सफलता पूर्वक पूरा किया।
शासकीय योजनाओं का योगदान
विभागीय योजनाओं (43.21 लाख), मनरेगा (17,200), कैम्पा (19.60 लाख) और अन्य योजनाओं (2.02 लाख) के माध्यम से राज्य के वनों को पुनर्जीवित किया गया।
नदी तट एवं सड़क वनीकरण: प्रदेश की विभिन्न जीवनदायिनी नदियों के तटों पर 471 हेक्टेयर में 4 लाख 87 हजार पौधों का रोपण किया गया। इसके साथ ही, ग्रीन कॉरिडोर विकसित करने के उद्देश्य से प्रमुख मार्गों के किनारे 114 किलोमीटर में 69 हजार पौधे लगाए गए।
किसान समृद्धि योजना:
योजना के अंतर्गत 28,921 कृषकों ने उत्साह दिखाते हुए अपनी 43,423 एकड़ निजी भूमि पर 2 करोड़ 77 लाख 66 हजार 611 पौधों का वृहद रोपण किया।
हमारा सामूहिक दायित्व
शासकीय आंकड़े और धरातल पर हो रही यह निरंतर प्रगति यह सिद्ध करती है कि सरकारी नीतियां, बजट और विभागीय तंत्र अपना काम पूरी निष्ठा से कर रहे हैं। परंतु, इन नन्हे पौधों को सुरक्षित रखकर एक विशाल वृक्ष बनाने की असली जिम्मेदारी हम सभी नागरिकों की है। आइए, इस पावन वर्षाऋतु में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जुड़कर न केवल पौधा लगाएं, बल्कि उसके संरक्षण का संकल्प लेकर अपनी वसुंधरा को और अधिक समृद्ध, सुरक्षित व खुशहाल बनाएं।






