तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने नए मुख्यमंत्री और अभिनेता से नेता बने विजय पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए राज्य की आर्थिक स्थिति और कर्ज को लेकर टिप्पणी की है।
स्टालिन ने अपने बयान में कहा कि सरकार के पास पैसे की कमी नहीं है, बल्कि जरूरत इसे जनता तक पहुंचाने की इच्छाशक्ति और प्रशासनिक क्षमता की है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु सरकार ने पिछले वर्षों में कोविड, बाढ़ और कई चुनौतियों के बावजूद लगातार कल्याणकारी योजनाएं लागू की हैं।
उन्होंने विजय के उस बयान का भी उल्लेख किया जिसमें राज्य पर 10 लाख करोड़ रुपये के कर्ज का दावा किया गया था। स्टालिन ने कहा कि यह आंकड़ा पहले से ही बजट दस्तावेजों में स्पष्ट किया जा चुका है और राज्य का कर्ज तय सीमा के भीतर है।
जनता को गुमराह न करें- स्टालिन
स्टालिन ने कहा कि जनता को गुमराह करने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार चलाने की वास्तविक चुनौतियों को समझना जरूरी है और नए नेतृत्व को समय के साथ अनुभव मिलेगा।






