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20 या फिर 21 मार्च आखिर किस दिन है ईद उल-फितर? जानें जकात और फितरा में अंतर

मुस्लिम कम्युनिटी के लिए रमजान का महीना काफी पाक होता है। इस महीने को ये लोग काफी बरकत वाला मानते हैं। रमजान खत्म होते ही ईद उल फितर मनाई जाती है। ईद इस कम्युनिटी का सबसे बड़ा त्योहार होता है जोकि भाईचारे और एकता का संदेश देता है। इस दिन लोग सुबह ईद की नमाज अदा करके एक-दूसरे से गले मिलते हैं और ईद की बधाई देते हैं। इस खास मौके पर घरों में खास पकवान जैसे सेवइयां और मिठाइयां बनती हैं।

इतना ही नहीं इस दिन विशेष रूप से लोग जरूरतमंदों को ईद की नमाज में जकात और फितरा देते हैं ताकि सभी लोग परिवार के साथ खुशियां मना सकें। हर बार की तरह इस बार भी ईद की तारीख को लेकर लोगों में कन्फ्यूजन देखा जा रहा है। नीचे जानें कि आखिर इस बार ईद उल फितर (Eid ul Fitr 2026 Date) कब है?

क्या है जकात और फितरा?

ईद उल फितर की तारीख को जानने से पहले समझिए कि आखिर जकात और फितरा क्या है। दरअसल जकात कुल संपत्ति का 2.5 प्रतिशत हिस्सा होता है। हालांकि जरूरी नहीं है कि इसे ईद के वक्त ही दिया जाए। इसे साल में कभी भी दे सकते हैं। बात की जाए फितरा की तो इसमें हर एक शख्स के लिए एक तय राशि होती है। इसे ईद की नमाज से पहले देना चाहिए।

इस साल कब है ईद?

हर साल ईद की तारीख चांद को देखने के बाद ही तय की जाती है। अगर चांद 19 तारीख को दिख गया तो फिर ईद उल फितर 20 मार्च को मनाई जाएगी। अगर चांद इस तारीख को ना दिखें तो इसके अगले दिन यानी 21 मार्च को ईद मनाई जाएगी। बता दें कि ईद वाला महीना शव्वाल का होता है। इस्लामिक कैलेंडर में शव्वाल दसवां महीना होती है और इसकी शुरुआत ईद उल फितर के साथ ही मानी जाती है।

रमजान के महीने में क्या-क्या होता है?

1. रमजान के महीने में लोग रोजा रखते हैं। इस दौरान सूर्योदय से पहले सेहरी खाकर पूरे दिन रोजा रखा जाता है। इसके बाद सूर्यास्त होते ही इफ्तार के साथ रोजा खोला जाता है।

2. रमजान के दौरान मुस्लिम कम्युनिटी के लोग पांच वक्त की नमाज जरूर पढ़ते हैं। इसके साथ ही तरावीह की नमाज भी पढ़ी जाती है।

3. रमजान के महीने में कुरान शरीफ को पढ़ना काफी अच्छा माना जाता है।

4. इस दौरान जरूरतमंदों की मदद की जाती है।

5. सबसे महत्वपूर्ण बात की रमजान के दिनों में हर एक नेगेटिव चीज से दूर रहा जाता है।

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