टी20 विश्व कप 2026 में टीम इंडिया का जीत का सिलसिला सुपर-8 में थम गया। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारतीय टीम ने टूर्नामेंट के शुरुआती चरणों में शानदार प्रदर्शन किया था और लगातार जीत दर्ज की थी। लेकिन सुपर-8 के पहले ही मुकाबले में टीम को साउथ अफ्रीका के हाथों 76 रनों से हार का सामना करना पड़ा। यह सिर्फ हार नहीं, बल्कि टी20 क्रिकेट के लिहाज से बेहद बड़ी हार मानी जा सकती है। इस मुकाबले में पूरी टीम की बल्लेबाजी कमजोर नजर आई, लेकिन विशेष रूप से दो खिलाड़ियों की विफलता सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाली रही।
अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए इस सुपर-8 मुकाबले में साउथ अफ्रीका ने पहले बैटिंग करते हुए सात विकेट पर 187 रन बनाए। टीम इंडिया को इसका जवाब देने के लिए तेज शुरुआत की जरूरत थी। पहले बल्लेबाजी करने उतरे ईशान किशन और अभिषेक शर्मा के लिए दबाव भारी रहा। पहले ही ओवर में ईशान किशन चार गेंद पर बिना कोई रन बनाए पवेलियन लौट गए। उनका जल्दी आउट होना टीम के लिए बड़ा झटका साबित हुआ और टीम इंडिया शुरुआती दबाव में आ गई।
ईशान के जल्दी आउट होने के बाद अब जिम्मेदारी अभिषेक शर्मा पर आ गई थी। लेकिन उन्होंने भी टीम की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरते हुए 12 गेंदों में सिर्फ 15 रन बनाकर पवेलियन लौटे। इससे पहले वे तीन मैचों में शून्य पर आउट हो चुके थे। इस बार शुरुआत मिलने के बाद भी उनका निराशाजनक प्रदर्शन टीम की हार का एक प्रमुख कारण बन गया। उनके जल्दी आउट होने से टीम का मध्यक्रम दबाव में आ गया और पारी का संतुलन बिगड़ गया।
ईशान किशन और अभिषेक शर्मा के आउट होने के बाद तिलक वर्मा की जिम्मेदारी थी कि वे क्रीज पर टिकें और टीम को संभालें। लेकिन तिलक वर्मा भी इस मौके पर असफल रहे। उन्होंने केवल दो गेंदों में एक रन बनाकर पवेलियन लौटना पड़ा। इस वजह से भारतीय टीम का शुरुआती दबाव और बढ़ गया और आगे बल्लेबाज दबाव में खेलते हुए आउट होते गए।
टीम इंडिया के शुरुआती दो विकेट जल्दी गिरने से पूरे बल्लेबाजी क्रम पर दबाव बन गया। ईशान किशन, अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा की विफलता के कारण टीम कभी भी रन गति पकड़ नहीं सकी और 18.5 ओवर में सिर्फ 111 रन ही बना सकी। इन शुरुआती झटकों के कारण भारत को सुपर-8 में साउथ अफ्रीका के हाथों करारी हार का सामना करना पड़ा और जीत का सिलसिला खत्म हो गया।





