अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ फैसले और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सभी ट्रेड पार्टनर्स पर 15% टैरिफ लगाने के आदेश के बाद, बाजार में व्यापार को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। यह स्थिति सोने और चांदी की सुरक्षित निवेश के रूप में डिमांड बढ़ा सकती है, जैसा कि एशियाई बाजार में देखा गया है।
निवेशक यूएस और ईरान के बीच बातचीत की संभावनाओं पर भी ध्यान दे रहे हैं। हालांकि, मिडल ईस्ट में दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ है और वे एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं, जिससे एक स्थिर समझौता नहीं हो पा रहा।
बाजार खुलते ही भागी चांदी
ग्लोबल संकेतों के बाद, आज सोने का रेट MCX पर ₹1,58,458 प्रति 10 ग्राम से खुला और कुछ ही मिनटों में ₹1,60,600 के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया। चांदी की कीमत ₹2,63,061 से खुला और ₹2,68,120 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया। COMEX (कॉमेक्स) पर सोने का रेट भी एक अपसाइड गैप के साथ खुला और $5,198.41 प्रति औंस के इंट्राडे हाई तक पहुंच गया, जो शुक्रवार के बंद $5,080/औंस से करीब 2% ज्यादा था। इसी तरह, COMEX पर चांदी का रेट $87.753 प्रति औंस तक पहुंचा, जो पिछले बंद से 6% ज्यादा था।
सोने-चांदी की कीमतों पर जियोपॉलिटिक्स का असर
सोने और चांदी की कीमतों के बारे में SS वेल्थस्ट्रीट की फाउंडर सुगंधा सचदेवा ने कहा कि व्यापार में अनिश्चितता, जियोपॉलिटिकल रिस्क और मैक्रोइकोनॉमिक फैक्टर सोने और चांदी के दामों को सपोर्ट करेंगे।
ग्लोबर मार्केट में सोने-चांदी का हाल
SEBI-रजिस्टर्ड मार्केट एक्सपर्ट अनुज गुप्ता ने बताया कि COMEX पर चांदी का रेट $70 से $88 प्रति औंस और सोने का रेट $4,850 से $5,200 प्रति औंस के बीच है। अगर सोना $5,200 से ऊपर जाता है, तो इसकी कीमत $5,500 तक पहुंच सकती है। हालांकि सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढाव रहने की उम्मीद जताई जा रही है।
ग्लोबल ब्रोकरेज UBS ने 2026 के अंत तक सोने की कीमत $6,200 प्रति औंस तक पहुंचने का अनुमान लगाया है। इस तरह, ट्रेड में अनिश्चितता और ग्लोबल फैक्टर्स के कारण सोने और चांदी की कीमतों में और तेजी की उम्मीद जताई जा रही है।





