रायपुर। ब्यूरो में पंजीबद्ध अपराध क्रमांक 05/2025 (धारा 409, 467, 468, 471, 120(बी) भा.द.वि. एवं धारा 13(1)(ए) सहपठित 13(2), 7(सी) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 यथासंशोधित अधिनियम 2018) में ब्यूरो द्वारा लगातार कार्यवाही करते हुए डायसिस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, नवी मुम्बई के मार्केटिंग हेड कुंजल शर्मा को दिनांक 21.01.2026 को गिरफ्तार किया गया है।
विवेचना में यह तथ्य सामने आया है कि मेडिकल उपकरणों के रिएजेंट्स एवं कन्ज्यूमेबल्स के लिये डायसिस कंपनी ने निश्चित एम.आर.पी. तय किया है। आरोपी कुंजल शर्मा द्वारा मोक्षित कार्पोरेशन को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से कंपनी पॉलिसी को नजरअंदाज करते हुए शशांक चोपड़ा के साथ मिलकर षडयंत्रपूर्वक रिएजेंट्स एवं कन्ज्यूमेबल्स के तय एम.आर.पी. से कहीं अधिक दर एवं शर्तें CGMSC को अनधिकृत रूप से डायसिस कंपनी की ओर से प्रेषित किया गया, जिसके कारण निविदा में CGMSC ने मोक्षित कार्पोरेशन के मनमाने दर को मान्य कर लिया। फलस्वरूप मोक्षित कॉर्पाेरेशन द्वारा CGMSC को वास्तविक एमआरपी से तीन गुना तक अधिक कीमत पर रिएजेंट्स एवं कंज्यूमेबल्स की आपूर्ति कर शासकीय राशि का दुरुपयोग करते हुए अनुचित भुगतान प्राप्त किया गया है।
गिरफ्तार आरोपी को आज दिनांक 22.01.2026 को माननीय विशेष न्यायालय (भ्र.नि.अ.), रायपुर के समक्ष प्रस्तुत कर दिनांक 27.01.2026 तक पुलिस रिमाण्ड प्राप्त किया गया है।
जनहित से जुड़ी “हमर लैब” योजना में शासकीय राशि के दुरुपयोग से संबंधित सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर जिम्मेदारी तय कर आगे भी संबंधितों के विरुद्ध कठोर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।




