Raipur. मध्यप्रदेश बीजेपी की कद्दावर नेत्री जयश्री बैनर्जी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला को पत्र लिखकर आईएएस अधिकारी अमित कटारिया के खिलाफ कार्यवाही करने का आग्रह करते हुए पत्र लिखा है। विदित हो जयश्री बैनर्जी पूर्व सांसद,पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक रह चुकी हैं।इस परिचय के साथ साथ श्रीमती जयश्री बैनर्जी का एक परिचय यह भी है कि वे बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके जे पी नड्डा की सास हैं।जयश्री बैनर्जी के इस पत्र के बाद अमित कटारिया और बृजमोहन विवाद और तूल पकड़ गया है।
यह लिखा है पत्र में
बीजेपी की कद्दावर नेत्री श्रीमती जयश्री बैनर्जी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला को संबोधित पत्र में लिखा है- “हाल ही में विभिन्न समाचार माध्यमों में प्रकाशित समाचारों, विशेषकर संलग्न प्रेस समाचार, से ज्ञात हुआ कि रायपुर (छत्तीसगढ़) के आई.ए.एस. अधिकारी अमित कटारिया के विरुद्ध माननीय सांसद द्वारा गंभीर शिकायत की गई है। समाचार के अनुसार लोकसभा सचिवालय द्वारा भी इस संबंध में आवश्यक जानकारी मांगी गई है।इसके अतिरिक्त, यह भी व्यापक रूप से चर्चा में रहा है कि छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ रहते हुए अमित कटारिया के कार्यकाल के दौरान 108 एम्बुलेंस सेवा के टेंडर में नियमों की अनदेखी करते हुए गंभीर अनियमितताओं एवं कथित भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। यदि इन आरोपों में तथ्य हैं, तो यह अत्यंत गंभीर विषय है क्योंकि इसका सीधा संबंध जनस्वास्थ्य एवं आम नागरिकों की स्वास्थ्य सेवाओं से है।अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि,माननीय सांसद द्वारा की गई शिकायत एवं संलग्न समाचार में वर्णित तथ्यों का संज्ञान लिया जाए।अमित कटारिया के विरुद्ध लगाए गए आरोपों, विशेषकर स्वास्थ्य विभाग एवं 108 एम्बुलेंस सेवा के टेंडर से संबंधित कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच कराई जाए।यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता अथवा भ्रष्टाचार सिद्ध होता है, तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध विधि सम्मत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था में जनता का विश्वास बना रहे।सांसद जयश्री बैनर्जी ने पत्र में आगे लिखा है -“मुझे पूर्ण विश्वास है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा एवं जनहित की रक्षा के लिए इस विषय पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।”
बृजमोहन ने विशेषाधिकार हनन का दिया है नोटिस
विदित हो कि रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने आईएएस अफसर अमित कटारिया के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है।इस नोटिस पर लोकसभा सचिवालय सक्रिय हुआ और डीओपीटी के माध्यम से छत्तीसगढ़ सरकार के मुख्य सचिव से तथ्यात्मक रिपोर्ट माँगी गई है। इस रिपोर्ट में आईएएस अमित कटारिया का बयान भी शामिल हो सकता है।






